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मुसीबत में यूपी के पांच लाख शिक्षक: न बजट, न सॉफ्टवेयर, कैसे मिले तनख्वाह

Mon, 06 Feb 2017 07:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 06 Feb 2017 07:38 PM IST
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 no salary for teachers in Uttar Pradesh.
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चुनावी माहौल में बेसिक शिक्षा परिषद के पांच लाख शिक्षक मुसीबत में फंस गए हैं। उन्हें सातवें वेतनमान के अनुसार वेतन देने के लिए न तो बजट है और न ही इसके निर्धारण के लिए अभी तक सॉफ्टवेयर तैयार हुआ है। नतीजतन, उन्हें अभी तक जनवरी का वेतन नहीं मिल सका है।

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प्रदेश के 1.58 लाख बेसिक स्कूलों में करीब पांच लाख शिक्षक पढ़ाते हैं। राज्य सरकार ने जनवरी से इनका भी सातवें वेतनमान के आधार पर वेतन फिक्स करने का निर्देश दिया था, पर इसके लिए परिषद के वित्त विभाग ने समय रहते राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) से सॉफ्टवेयर ही तैयार नहीं कराया।
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इतना ही नहीं वेतन मद में बजट कम होने की सूचना भी समय रहते शासन को नहीं दी। नतीजतन, प्रदेश के अधिकतर जिलों में वेतन नहीं बंट पाया है।

हर महीने की 1-7 के बीच चुकानी होती है किस्त

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यहां बता दें कि ज्यादातर शिक्षकों ने मकान बनाने के लिए या अन्य किसी काम के लिए बैंकों से लोन भी लिया है। उन्हें हर महीने की 1-7 तारीख के बीच किस्त चुकानी होती है। इस स्थिति के चलते उन्हें बैंकों की पेनाल्टी भी भरनी पड़ेगी।

जिलास्तरीय अधिकारी शिक्षकों को यह बताने की स्थिति में नहीं है कि उन्हें कब तक वेतन मिल पाएगा।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, सातवें वेतनमान की दरों पर सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए एनआईसी ने नौ लाख रुपये की मांग की है। इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने शासन से अनुमति मांगी है।

एनआईसी को मांगी गई राशि देने के बाद सॉफ्टवेयर विकसित करने में कम से कम एक महीने का समय लगेगा। यानी, शिक्षकों को मार्च में ही नए वेतनमान के अनुसार तनख्वाह मिल सकेगी।

वेतन मिलते ही खातों में पहुंचा दिया जाएगा

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इस पर बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा का कहना है कि शिक्षकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। कुछ जिलों में बजट कम पड़ गया था।

शासन से बजट की डिमांड की गई है, जिसके मिलते ही वेतन खातों में पहुंच जाएगा। सातवें वेतमान के अनुसार वेतन फिक्स करने के लिए एनआईसी से सॉफ्टवेयर तैयार करवाया जा रहा है। बहुत जल्द इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।

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