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तबाही से मारे 5287 किसानों की अभी भी सांसे अटकी

Sun, 24 May 2015 09:37 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 24 May 2015 09:37 PM IST
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No money for farmers in Uttar Pradesh.

मुसीबत के समय किसानों की मदद के लिए बनाई गई कृषक दुर्घटना बीमा योजना आजकल तंगहाली से गुजर रही है। महीनों के इंतजार के बावजूद किसानों को इससे आर्थिक मदद नहीं मिल पा रही है।

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सूबे के 2.50 करोड़ खातेदार, सहखातेदार किसानों के लिए कृषक दुर्घटना बीमा योजना लागू है। इसमें आग, बाढ़, बिजली गिरने, नदी, तालाब, पोखर व कुएं में डूबने, मकान गिरने, डकैती, दंगा, मारपीट व आतंकवादी घटना जैसे अप्राकृतिक कारणों या अन्य दुर्घटना में मौत पर आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की मदद दी जाती है।
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स्थायी अपंगता व कई तरह से शारीरिक क्षति पर 50 से 25 प्रतिशत राशि दी जाती है। हाल यह है कि किसानों की मदद के आवेदन लगातार आते जा रहे हैं, लेकिन जिलों को पैसा नहीं मिल पा रहा। पिछले दिनों मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना की समीक्षा की तो पूरी तस्वीर सामने आई।
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पता चला कि राजस्व परिषद के पास अप्रैल 2014 तक ही 9287 किसानों को आर्थिक सहायता दिलाने की अर्जी लंबित है।

इनके भुगतान के लिए जिलों को बमुश्किल 200 करोड़ रुपये ही दिए जा सके। इससे करीब चार हजार दावों का ही भुगतान किया जा सकता है। बाकी 5287 दावों के निपटारे के लिए पैसे की कमी बनी हुई है।

मुख्यमंत्री विदेश में, करना होगा इंतजार

No money for farmers in Uttar Pradesh.

पैसे की तंगहाली का अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने कुल 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे मुसीबत के समय में किसानों की मदद का मकसद पूरा होता नजर नहीं आता।

राजस्व परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव ने किसानों के बकाया दावों का भुगतान जल्द से जल्द कराने के लिए प्रकरण को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के विदेश यात्रा से लौटने के बाद उनके सामने यह मामला रखा जाएगा।

काम बीमा कंपनी का, कर रही सरकार
कृषक दुर्घटना बीमा योजना का संचालन किसी बीमा कंपनी के जरिये होना चाहिए जिसके लिए सरकार की ओर से कंपनी को प्रीमियम देने की व्यवस्था है।

मगर, पिछले कई साल से कोई न कोई पेंच फंस जाने से बीमा कंपनी के जरिये योजना का संचालन नहीं हो रहा है। सरकार जिलाधिकारियों के जरिये किसानों के दावे का भुगतान कराती है।

एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख की रकम

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2004-05 में किसानों को व्यक्तिगत बीमा कवर देने के लिए ‘कृषक दुर्घटना बीमा योजना’ शुरू की गई। पहले इसमें मृत्यु व स्थायी नि:शक्तता पर 1 लाख रुपये दिया जाता था। अप्रैल 2012 में सरकार ने इस रकम को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया।

इस तरह पा सकते हैं मदद

मृत्यु तथा पूर्ण शारीरिक अक्षमता--100 प्रतिशत
दोनों हाथ या दोनों पैर या दोनों आंखों को नुकसान--100 प्रतिशत

एक हाथ तथा एक पैर को नुकसान--100 प्रतिशत
एक साथ या एक पैर या एक आंख को नुकसान--50 प्रतिशत
स्थायी अपंगता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर--50 प्रतिशत
स्थायी अपंगता 25 प्रतिशत से अधिक होने पर--25 प्रतिशत

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