फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   No factory to be closed during nighttime curfew in UP: Chief Secretary

यूपी में रात्रिकालीन कर्फ्यू के दौरान कोई फैक्ट्री बंद नहीं होगी : मुख्य सचिव 

Fri, 23 Apr 2021 11:39 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 23 Apr 2021 11:39 PM IST
सार

यूपी में रात्रिकालीन कर्फ्यू के दौरान किसी भी फैक्ट्री व उत्पादक इकाई में न तो उत्पादन बंद होगा और न ही कोई इकाई बंद होगी। इकाइयों में कार्यरत कर्मियों की आवाजाही पर भी कोई प्रतिबंध नहीं होगा। 

विज्ञापन
No factory to be closed during nighttime curfew in UP: Chief Secretary
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में रात्रिकालीन कर्फ्यू के दौरान किसी भी फैक्ट्री व  उत्पादक इकाई में न तो उत्पादन बंद होगा और न ही कोई इकाई बंद होगी। इकाइयों में कार्यरत कर्मियों की आवाजाही पर भी कोई प्रतिबंध नहीं होगा। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है संबंधित जिलों के उपायुक्त उद्योग, श्रम विभाग के स्थानीय अधिकारी व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी के साथ समन्वय कर जिलाधिकारी इकाइयों का सुचारु संचालन सुनिश्चित कराएंगे।

विज्ञापन


जिन शहरों में रात्रिकालीन या किसी समय कर्फ्यू के आदेश होंगे वहां उस दौरान विभिन्न इकाइयों व प्रतिष्ठानों में कार्यरत समस्त कार्मिक व मालिक इकाई द्वारा जारी पहचान पत्र के आधार पर आ-जा सकेंगे। सभी इकाइयों को अपने यहां कार्यरत समस्त कार्मिकों को पास जारी करने का निर्देश दिया गया है। समस्त इकाइयों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। जिलाधिकारियों से कहा गया है स्थानीय स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की उत्पादन व आपूर्ति को बनाए रखने के लिए जो भी उपाय हों उनकी समीक्षा कर क्रियान्वयन किया जाए।
विज्ञापन


ये निर्देश भी जारी
- जिन जिलों में दवाइयां व कोविड-19  से जुड़ी सामग्री के उत्पादन से संबंधित इकाइयां हैं उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने तथा उनके द्वारा उत्पादित सामग्री को निर्धारित स्थल तक आपूर्ति में किसी तरह का व्यवधान न आए, जिला प्रशासन सुनिश्चित करेगा। इन इकाइयों में ट्रांसपोर्टेशन, कच्चे माल की आपूर्ति, श्रमिकों की कमी व बिजली आपूर्ति जैसी कोई समस्या न हो और उत्पादन क्षमता व आपूर्ति अधिकतम बनी रहे, यह प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- जिन जिलों में सैनिटाइजर बनाने के लिए अल्कोहल उत्पादन को चीनी मिल इकाइयां अधिकृत हैं, उनके लिए विशेष रूप से देखा जाए कि उन्हें लाइसेंस प्राप्त करने, उत्पादन बढ़ाने तथा नियमित आपूर्ति में कोई कठिनाई न हो।
-  सूक्ष्म लघु व मध्यम इकाइयों के मास्क, पीपीई किट,  सेनेटाइजर, पैकेजिंग व अन्य कोविड उत्पादों को बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया जाए।
-  संभावना है कि आने वाले दिनों में प्रवासी श्रमिक बड़ी संख्या में अपने घरों को लौटें। ऐसे में ग्राम विकास, पंचायती राज, श्रम व राजस्व विभाग आदि के जरिए इनकी सूची तैयार कर ली जाए। इन प्रवासी श्रमिकों के हुनर का उपयोग स्थानीय स्तर पर विभिन्न क्रियाकलापों व विभिन्न तरह की सामग्री के उत्पादन में किया जाए ताकि इनके समक्ष रोजगार का संकट ना हो।
-  आवश्यक वस्तुओं से संबंधित उद्योग जिसमें खाद्य पदार्थ ब्रेड, बिस्किट, आटा, दाल, खाद्य तेल, चावल, चीनी, पानी दूध व दूध से संबंधित उत्पाद की उपलब्धता पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
-  मास्क, सेनिटाइजर, पीपीई किट व वेंटिलेटर की इकाइयों को शत-प्रतिशत क्षमता के अनुसार अनुमति पत्र दिए जाएंगे। यदि संभव हो तो इन उद्योगों की क्षमता में वृद्धि भी कराई जाए।

-  किसानों के गेहूं की तेजी से खरीद की जाए। चूंकि इसका संबंध किसानों, बहुसंख्यक आबादी परिवार की आय से है, इसलिए गेहूं क्रय केंद्रों की सक्रियता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed