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बिना बिजली कटौती लीजिए त्योहारों का मजा
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Fri, 11 Oct 2013 12:36 AM IST
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दुर्गापूजा, दशहरा और बकरीद के मद्देनजर पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने जिला मुख्यालयों से लेकर महानगरों तक शाम छह बजे से रात 12 बजे तक लगातार बिजली आपूर्ति करने का फैसला किया है।
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बिजली की भारी किल्लत को देखते हुए त्योहारों पर आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए रोजाना लगभग 11-12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिजली खरीदी जा रही है।
प्रदेश में बिजली की मांग 280 मिलियन यूनिट तक पहुंच रही है जबकि उपलब्धता 219-220 मिलियन यूनिट के बीच है।
रामलीलाओं, दुर्गापूजा तथा बकरीद के त्योहार के चलते पावर कॉर्पोरेशन पर ज्यादा से ज्यादा बिजली आपूर्ति का दबाव है। लगभग सभी जिलों के जिलाधिकारियों की ओर से शाम के वक्त आपूर्ति के लिए अनुरोध किया जा रहा है।
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संवेदनशीलता के लिहाज से भी जिलों से आपूर्ति बढ़ाने तथा पीक ऑवर्स में आपात कटौती न करने का दबाव डाला जा रहा है।
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बिजली की जबर्दस्त कमी को देखते हुए पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को अतिरिक्त बिजली खरीदकर आपूर्ति पटरी पर रखने की हरी झंडी दे दी है।
इसके बाद रोजाना 31-32 मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली खरीदकर शाम के वक्त सभी जिला, मंडल व महानगर मुख्यालयों को अनवरत बिजली आपूर्ति शुरू की गई है।
शक्ति भवन स्थित नियंत्रण कक्ष के अभियंताओं का कहना है कि सभी क्षेत्रीय लोड डिस्पैच सेंटरों को निर्देश भेज दिए गए हैं कि शाम छह बजे से रात 12 बजे तक जिला, मंडल व महानगर मुख्यालयों पर कोई कटौती न की जाए। बहुत जरूरी होने पर आधी रात के बाद या भोर में आपात कटौती की जा सकती है।
अभियंताओं का कहना है कि ये निर्देश 18 अक्तूबर तक प्रभावी रहेंगे। अभियंताओं का कहना है कि चूंकि पीक ऑवर्स से लेकर गैर पीक ऑवर्स तक मांग और उपलब्धता में 2700 से लेकर 1300 मेगावाट तक का भारी अंतर चल रहा है।
इसलिए ग्रिड की सुरक्षित रखने के लिए गाहे-बगाहे कहीं-कहीं थोड़ी-बहुत अतिरिक्त आपात कटौती अपरिहार्य हो रही है। ऐसे में कोशिश की जा रही है कि शहरों में रात 12-1 बजे तक कटौती न हो जिससे रामलीला या दुर्गापूजा के आयोजनों में किसी तरह की दिक्कत न आए।
1000 मेगावाट बिजली खरीदने की तैयारी
कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि दिवाली पर एक्सचेंज पर भी दबाव रहने की संभावना है। इसे देखते हुए अभी से दिवाली के लिए बिजली का इंतजाम किया जा रहा है।
1000 मेगावाट बिजली खरीदने के लिए टेंडर मांगे गए हैं। तकनीकी बिड 15 अक्तूबर को खोली जाएगी जबकि वित्तीय बिड 16 अक्तूबर को खुलेगी। सबसे कम दर के प्रस्ताव को अनुमोदित करके बिजली खरीदने के आदेश जारी किए जाएंगे।