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हुसडिया से हैनीमैन के बीच मुख्य सड़क पर डिवाइडर गायब
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बनाने की जगह अड़ंगा लगाते रहे अधिकारी
हुसड़िया से हैनीमैन चौराहे के बीच 45 मीटर चौड़ी सड़क से डिवाइडर गायब है। जिम्मेदार विभागों के अधिकारी इसे बनवाने की जगह अड़ंगे लगाते रहे। यह सब एक खास स्कूल और कॉलेज को फायदा देने के लिए किया गया। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी यहां डिवाइडर नहीं बन सका। वजह, खुद पूर्व के ट्रैफिक अधिकारी ने स्कूल, कॉलेज की जरूरत को देखते हुए डिवाइडर नहीं बनाने की सिफारिश की। इसका खामियाजा यहां से गुजरने वालों को उठाना पड़ रहा है। हमेशा हादसे का डर बना रहता है।
गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति ने यह मुद्दा भी उठाया। हाईकोर्ट के निर्देश पर एक कमेटी भी बनी। इसमें पीडब्ल्यूडी से लेकर नगर निगम, ट्रैफिक विभाग के अधिकारी शामिल रहे। कमेटी में शामिल रहे एक अधिकारी ने बताया कि करीब दो साल पहले इस प्रकरण पर सुझाव लिए गए। खुद एसपी ट्रैफिक ने स्कूली बच्चों के परिजनों के वाहनों के आने-जाने में असुविधा होने की बात कही। इसके बाद नगर निगम ने डिवाइडर बनाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। नगर निगम यहां डिवाइडर बनाने के लिए तैयार थी। नगर निगम ही अभी इस सड़क का रखरखाव करता है। इसे अब पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर भी किया जाना प्रस्तावित है।
खास जगह पर डिवाइडर न होने पर सवाल
अधिकारियों के ऊपर यह भी सवाल उठता है कि खास जगह पर ही डिवाइडर क्यों नहीं बना? नगर निगम के अधिकारी इस प्रकरण के जानकारी में नहीं होने की बात कह रहे हैं। सचिव रूप कुमार शर्मा ने पुलिस आयुक्त को एक पत्र भी भेजा है। इसमें हुसड़िया चौराहा पर बैरिकेडिंग भी हटवाने की मांग की गई है, जिससे लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है।
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हुसड़िया से हैनीमैन चौराहे के बीच 45 मीटर चौड़ी सड़क से डिवाइडर गायब है। जिम्मेदार विभागों के अधिकारी इसे बनवाने की जगह अड़ंगे लगाते रहे। यह सब एक खास स्कूल और कॉलेज को फायदा देने के लिए किया गया। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी यहां डिवाइडर नहीं बन सका। वजह, खुद पूर्व के ट्रैफिक अधिकारी ने स्कूल, कॉलेज की जरूरत को देखते हुए डिवाइडर नहीं बनाने की सिफारिश की। इसका खामियाजा यहां से गुजरने वालों को उठाना पड़ रहा है। हमेशा हादसे का डर बना रहता है।
गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति ने यह मुद्दा भी उठाया। हाईकोर्ट के निर्देश पर एक कमेटी भी बनी। इसमें पीडब्ल्यूडी से लेकर नगर निगम, ट्रैफिक विभाग के अधिकारी शामिल रहे। कमेटी में शामिल रहे एक अधिकारी ने बताया कि करीब दो साल पहले इस प्रकरण पर सुझाव लिए गए। खुद एसपी ट्रैफिक ने स्कूली बच्चों के परिजनों के वाहनों के आने-जाने में असुविधा होने की बात कही। इसके बाद नगर निगम ने डिवाइडर बनाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। नगर निगम यहां डिवाइडर बनाने के लिए तैयार थी। नगर निगम ही अभी इस सड़क का रखरखाव करता है। इसे अब पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर भी किया जाना प्रस्तावित है।
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खास जगह पर डिवाइडर न होने पर सवाल
अधिकारियों के ऊपर यह भी सवाल उठता है कि खास जगह पर ही डिवाइडर क्यों नहीं बना? नगर निगम के अधिकारी इस प्रकरण के जानकारी में नहीं होने की बात कह रहे हैं। सचिव रूप कुमार शर्मा ने पुलिस आयुक्त को एक पत्र भी भेजा है। इसमें हुसड़िया चौराहा पर बैरिकेडिंग भी हटवाने की मांग की गई है, जिससे लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है।
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