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UP Nikay Chunav: यूपी के नगर विकास मंत्री बोले, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में हो सकते हैं निकाय चुनाव
Fri, 10 Mar 2023 02:13 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 10 Mar 2023 02:13 PM IST
सार
यूपी के नगर विकास मंत्री ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को उच्चतम न्यायालय में पेश किया जाएगा। निकाय चुनाव अप्रैल के अंतिम सप्ताह में हो सकते हैं।
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नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
यूपी के नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि निकाय चुनाव में पिछड़ों का आरक्षण तय करने के लिए गठित उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंप दी है। अब इस रिपोर्ट को उच्चतम न्यायालय में पेश किया जाएगा जिसके बाद निकाय चुनाव की प्रक्रिया तय की जाएगी। उन्होंने संभावना जताई कि अप्रैल के अंत तक निकाय चुनाव हो सकते हैं।
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आयोग द्वारा यह रिपोर्ट आधे से कम समय में तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि 11 अप्रैल को मामले में सर्वोच्च न्यायालय में तारीख है। सर्वोच्च न्यायालय में सरकार आयोग की रिपोर्ट पेश करेगी। एक दो दिन में रिपोर्ट पेश की जाएगी। ओबीसी को नियमानुसार सम्पूर्ण आरक्षण दिया जाएगा और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत चुनाव कराए जाएंगे।
ये भी पढ़ें - निकाय चुनाव: पिछड़ा वर्ग आयोग ने मौजूदा कानूनों में बदलाव की सिफारिश की, आरक्षण में होगा बड़ा उलटफेर
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350 पेज की है रिपोर्ट
350 पेज की रिपोर्ट में ऐसी कई ऐसी सीटों का जिक्र है, जहां 30 साल से आरक्षण बदला ही नहीं गया। इन सीटों को एक ही जाति या श्रेणी के लिए आरक्षित किए जाने का खुलासा किया गया है। सूत्रों के मुताबिक आयोग द्वारा 2002 से 2017 की अवधि में कराये गए निकायों चुनावों में आरक्षण के लिए अपनाई गई प्रक्रिया का विश्लेषण किया गया है।
इसमें आयोग ने पाया कि नगर निकाय अधिनियम में किए गए प्रावधान के मुताबिक मौजूदा चुनाव के लिए कराए गए रैपिड सर्वे और चक्रानुक्रम आरक्षण प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। आयोग ने निकाय चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया को फूलफ्रूफ बनाने के लिए मौजूदा कानून में बदलाव की भी सिफारिश की है।
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नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आयोग द्वारा यह रिपोर्ट आधे से कम समय में तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि 11 अप्रैल को मामले में सर्वोच्च न्यायालय में तारीख है। सर्वोच्च न्यायालय में सरकार आयोग की रिपोर्ट पेश करेगी। एक दो दिन में रिपोर्ट पेश की जाएगी। ओबीसी को नियमानुसार सम्पूर्ण आरक्षण दिया जाएगा और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत चुनाव कराए जाएंगे।
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350 पेज की है रिपोर्ट
350 पेज की रिपोर्ट में ऐसी कई ऐसी सीटों का जिक्र है, जहां 30 साल से आरक्षण बदला ही नहीं गया। इन सीटों को एक ही जाति या श्रेणी के लिए आरक्षित किए जाने का खुलासा किया गया है। सूत्रों के मुताबिक आयोग द्वारा 2002 से 2017 की अवधि में कराये गए निकायों चुनावों में आरक्षण के लिए अपनाई गई प्रक्रिया का विश्लेषण किया गया है।
इसमें आयोग ने पाया कि नगर निकाय अधिनियम में किए गए प्रावधान के मुताबिक मौजूदा चुनाव के लिए कराए गए रैपिड सर्वे और चक्रानुक्रम आरक्षण प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। आयोग ने निकाय चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया को फूलफ्रूफ बनाने के लिए मौजूदा कानून में बदलाव की भी सिफारिश की है।