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एनएचएआई ने लखनऊ को दिल्ली से जोड़ने वाली 157 किमी लंबी सड़क छोड़ी लावारिस

Sun, 22 Sep 2019 06:18 PM IST
ishwar ashish अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 22 Sep 2019 06:18 PM IST
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NHAI not taking care of raod from Lucknow to Delhi.
इस सड़क पर चलना दुश्वार है। - फोटो : amar ujala

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने लखनऊ को दिल्ली से जोड़ने वाली 157 किमी लंबी सड़क को लावारिस हालत में छोड़ दिया है। सीतापुर से बरेली के बीच एनएच 24 का यह हिस्सा इतना ज्यादा क्षतिग्रस्त हो चुका है कि चलने लायक नहीं रह गया है। आए दिन हादसे हो रहे हैं। ट्रांसपोर्टेशन की कीमत बढ़ गई है, जिससे इस सड़क के किनारे वाले इलाकों का कारोबार धीरे-धीरे ठप होता जा रहा है।

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शाहजहांपुर, सीतापुर और रास्ते में पड़ने वाले कई कस्बों के कारोबारी बताते हैं कि ट्रांसपोर्टर्स उनके यहां माल भेजने के लिए तभी तैयार होते हैं, जब उन्हें 20-30 फीसदी अतिरिक्त किराए का भुगतान किया जाए, क्योंकि सड़क खराब होने के कारण वाहनों में टूटफूट होना आम बात है।
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एनएच 24 के इस हिस्से की मरम्मत के लिए एनएचएआई की स्थानीय विंग अपने मुख्यालय के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को 40 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेज चुकी है। तीन अलग-अलग पैकेज में नव निर्माण के लिए 900 करोड़ का एस्टीमेट भी भेजा जा चुका है। लेकिन, नव निर्माण की बात तो छोड़िए, मरम्मत तक का प्रस्ताव मंजूर नहीं किया गया है।
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केंद्र और राज्य के उच्चाधिकारी उदासीन बने हुए हैं। इस बारे में संपर्क किए जाने पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल वासिद ने कहा कि मुख्यालय को एस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

निर्माण के लिए 900 करोड़ की दरकार

इस सड़क को बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) मोड में फोरलेन करने के लिए वर्ष 2010 में टेंडर किए गए थे। सीतापुर से बरेली के बीच फॉरेस्ट और प्रदेश सरकार की एनओसी न मिलने के कारण यह प्रोजेक्ट लगातार लटकता गया। बाद में कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली कंपनी एरा इन्फ्रा को एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल) ने दिवालिया घोषित कर दिया।

नतीजतन, बैंक से मिलने वाली और प्रस्तावित सहायता बंद हो गई। अप्रैल 2019 में पूरा अनुबंध ही रद्द हो गया। अब इस सड़क के निर्माण के लिए 900 करोड़ रुपये की जरूरत है।

वर्तमान में सीतापुर से बरेली के बीच 157 किलोमीटर लंबी रोड बेहद खस्ताहाल है। बारिश के कारण इतनी ज्यादा स्थानों पर सड़क कट चुकी है कि वाहनों के संचालन में बड़ी दिक्कत आ रही है। 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी वाहनों के पलटने का डर बना रहता है।

शाहजहांपुर, सीतापुर और रास्ते में पड़ने वाले कई कस्बों के कारोबारी बताते हैं कि अतिरिक्त किराए के भुगतान पर ही ट्रांसपोर्टर्स उनके यहां माल भेजने के लिए तैयार होते हैं। इस 157 किमी लंबी सड़क पर शायद ही कोई दिन जाता हो, जिस दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त न होते हों।

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