....तो सीजी सिटी में होगा नया विधानभवन, सचिवालय भी शहर से बाहर
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क्या भविष्य में नया विधानभवन होगा? क्या सभी सचिवालय भवन भी शहर से बाहर होंगे? ये सवाल आपको भले ही अभी चौंकाए पर प्रदेश सरकार इसपर विचार कर रही है। जाम और मेट्रो स्टेशन से भविष्य में उमड़ने वाली भीड़ और सुरक्षा की चुनौतियों के मद्देनजर संभावनाएं तलाशी जाने लगी है। संभावनाओं ने आकार लिया तो नया विधानभवन और सभी सचिवालय एक साथ होंगे। इसके लिए चक गंजरिया (सीजी सिटी) के आस-पास जमीन तलाशने की योजना है।
आखिर जरूरत क्यों?
भविष्य में सुरक्षा की चुनौतियां : शासन के एक अधिकारी बताते हैं कि बापू भवन के बिल्कुल पास मेट्रो स्टेशन से सटा विधानभवन और लोकभवन सचिवालय है। अति संवेदनशील सुरक्षा घेरे वाले मुख्यमंत्री और विधायकों के साथ सभी अधिकारी और वीवीआईपी का यह केंद्र रहता है। स्टेशन बनने पर भीड़ बढ़ेगी।
जाम की समस्या : शहर में ट्रैफिक पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। भीड़भाड़ वाले इस हिस्से में आए दिन जाम की समस्या आती है। वहीं सबसे ज्यादा वीवीआईपी मूवमेंट के कारण भी यहां जाम की समस्या पहले से ही चुनौतीपूर्ण है।
पुराना होता विधानभवन : 15 दिसंबर 1922 को तत्कालीन गवर्नर सर स्पेंसर हरकोर्ट बटलर ने विधानभवन की नींव रखी थी। 21 फरवरी 1928 को इसका लोकार्पण हुआ था। उम्र बढ़ने के साथ विधानभवन का जीर्णोद्धार कराना पड़ता रहता है।
1000 एकड़ जमीन की होगी जरूरत
विचार के लिए बैठक भी बुलाई गई थी
अफसर का कहना है कि इसपर विचार-विमर्श के लिए मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में 19 नवंबर को राज्य संपत्ति व सचिवालय प्रशासन विभाग के अफसरों की पहली बैठक बुलाई गई थी। मुख्य सचिव के निर्देश पर फिलहाल यह बैठक स्थगित कर दी गई है।
सरकारी कार्यालयों को शहीद पथ के आसपास शिफ्ट करने का काम जारी
राजधानी के कई सरकारी कार्यालयों व आवासीय भवनों को भविष्य की जरूरतों के मद्देनजर भीड़भाड़ वाले इलाके से बाहर शहीद पथ और आईटी सिटी के आसपास स्थापित करने का काम शुरू कर दिया गया है। शहीद पथ के पास स्थानीय निकाय के नए निदेशालय भवन में काम शुरू हो गया है। पुलिस मुख्यालय का नया भवन शहीद पथ के पास बनकर तैयार है। आईएएस अधिकारियों ने भविष्य को देखते हुए सीजी सिटी में काडर के अफसरों के लिए आवासीय भवनों के कई टावर व बच्चों की पढ़ाई के लिए संस्कृति स्कूल की स्थापना करवा ली है। सीजी सिटी क्षेत्र में एचसीएल की आईटी सिटी ने काम शुरू कर दिया है। कैंसर इंस्टीट्यूट व आईआईआईटी सहित कई सरकारी प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।