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Lucknow News: नई भर्ती दूर करेगी केजीएमयू में शिक्षकों की कमी

Mon, 06 Oct 2025 02:21 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 06 Oct 2025 02:21 AM IST
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New recruitment will address the shortage of teachers in KGMU
केजीएमयू।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में डॉक्टरों की कमी का संकट गहराता जा रहा है। बीते दिनों न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पीके शर्मा ने भी पद से इस्तीफा दे दिया है। इस साल यह आठवां बड़ा इस्तीफा है। एक के बाद एक इस्तीफे से कई विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी हो गई है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने का दावा किया है। केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने कहा कि भर्ती इसी महीने शुरू होगी। इससे डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी।
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2023 में निकले 200 पद, केवल 50 डॉक्टरों ने जॉइन किया
वर्ष 2023 में केजीएमयू में 200 से अधिक पदों पर भर्ती निकाली गई थी, लेकिन चयन 70 पदों पर ही हो सका था। इनमें से से भी लगभग 50 डॉक्टरों ने ही कार्यभार ग्रहण किया। इस बीच इस्तीफों का सिलसिला जारी रहा। हाल ही में हुई कार्यपरिषद की बैठक में रिक्त पदों पर नई भर्ती शुरू करने का प्रस्ताव पास किया गया है।
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कई विभागों में शिक्षक नहीं
नेफ्रोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, मेडिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी और पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन जैसे विभागों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुसार, हर विभाग में कम से कम एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और एक असिस्टेंट प्रोफेसर होना अनिवार्य है।
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इस साल आठ डॉक्टरों ने छोड़ा केजीएमयू
इस साल इस्तीफा देने वालों में पूर्व प्रॉक्टर एवं न्यूरो सर्जरी के प्रो. क्षितिज श्रीवास्तव, मनोरोग विशेषज्ञ प्रो. आदर्श त्रिपाठी, डॉ. मनु अग्रवाल, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के डॉ. अजय कुमार वर्मा, एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. तन्वी भार्गव, प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. अशोक कुमार गुप्ता और कार्डियक एनेस्थीसिया के डॉ. करण कौशिक शामिल हैं। अब डॉ. पीके शर्मा के जाने से न्यूरोलॉजी विभाग भी प्रभावित हुआ है।

ये डॉक्टर भी छोड़ चुके हैं संस्थान
एंडोक्राइन मेडिसिन - डॉ. मधुकर मित्तल
गैस्ट्रो सर्जरी - डॉ. संदीप वर्मा, डॉ. साकेत, डॉ. विशाल, डॉ. प्रदीप जोशी

नेफ्रोलॉजी - डॉ. संत पांडेय

न्यूरो सर्जरी - डॉ. सुनील कुमार

ट्रांसप्लांट यूनिट - डॉ. मनमीत सिंह, डॉ. विवेक गुप्ता

सीवीटीएस - डॉ. विजयंत देव

गठिया रोग - डॉ. अनुपम वाखलू
यूरोलॉजी - डॉ. राहुल जनक सिन्हा

लुभा रहा पैकेज, खल रही बंदिशें
डॉक्टरों के पलायन की दो प्रमुख वजहें सामने आ रही हैं। पहली, निजी अस्पतालों में सरकारी संस्थानों की तुलना में मिलने वाला कई गुना बेहतर वेतन। दूसरी, सरकारी संस्थानों में प्रशासनिक दखल और कार्य की सीमित स्वतंत्रता। यही कारण है कि अनुभवी डॉक्टर निजी क्षेत्र की ओर रुख कर रहे हैं।
Iकेजीएमयू में डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। इससे डॉक्टरों की कमी की समस्या दूर होगी।I

I- प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयूI
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