फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   New policy for distribution of medicine

अस्पतालों में दवा आपूर्ति के लिए बनेगी पासबुक

Sat, 27 Jul 2019 01:39 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2019 01:39 AM IST
विज्ञापन
New policy for distribution of medicine
अब जितनी जरूरत उतनी ही मिलेंगी अस्पतालों को दवाएं, एक्सपायर होने से बचाने को सेंट्रल ड्रग कार्पोरेशन ने बनाई नई रणनीति
विज्ञापन

सरकारी अस्पतालों में दवाएं एक्सपायर होने से बचाने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए सेंट्रल ड्रग कार्पोरेशन ने नई रणनीति बनाई है।
इसके तहत अब हर अस्पताल को उसकी जरूरत के हिसाब से ही दवाएं दी जाएंगी। इनका बजट भी तय कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था सभी जिला स्तरीय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लागू की जाएगी।
अब सरकारी अस्पतालों को सेंट्रल ड्रग कार्पोरेशन के जरिये दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कई बार ऐसी शिकायत मिलती रही है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दवा नहीं है और दूसरी दवाएं रखे-रखे बेकार हो गईं। कई अस्पतालों में भारी मात्रा में एक ही दवा पहुंच जाती है तो कुछ अस्पतालों को दवाएं लौटानी पड़ती हैं।
विज्ञापन

नई रणनीति के तहत संबंधित अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर जरूरी दवाएं ही लेगा। इससे मरीजों को समय से दवाएं मिल सकेंगी और ये एक्सपायर नहीं हो पाएंगी। साथ ही एक डाटा बैंक तैयार होगा, जिससे यह पता चलेगा कि किस इलाके में कौन-कौन सी प्रमुख दवाएं ज्यादा खपत होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर अस्पताल की होगी पासबुक
हर अस्पताल का बजट तय कर दिया जाएगा और उसे एक पासबुक जारी कर दी जाएगी। जिस अस्पताल को जितनी दवाओं की जरूरत होगी, वे कार्पोरेशन के स्टोर से दवा लेने के बाद उसकी एंट्री करवा लेंगे। इससे निर्धारित बजट और जरूरत के हिसाब से संबंधित अस्पताल सीधे दवाओं के लिए मांगपत्र भेज सकेंगे।
दवाओं के लिए तैयार होगा बजट
सभी सरकारी अस्पतालों की तीन साल में दवा आपूर्ति के डाटा का अध्ययन किया जा रहा है। इसके आधार पर देखा जा रहा है कि किस इलाके में कौन सी दवा की मांग अधिक रही और कौन सी दवा वापस करनी पड़ी। इतना ही नहीं स्टोर में रखने से एक्सपायर होने वाली दवाओं के डाटा का भी अध्ययन किया जा रहा है। इसी आधार पर संबंधित अस्पताल का बजट तैयार किया जाएगा। फिर उसमें ही संबंधित अस्पताल दवा का उठान कर सकेंगे।
खपत के मुताबिक बढ़ेगा बजट
खास बात यह है कि कार्पोरेशन की इस नई रणनीति में दवा खत्म होने पर बजट बढ़ाने का प्रावधान भी रखा जाएगा। इसके लिए संबंधित अस्पताल की मांगपत्र को कमेटी में रखा जाएगा। वह संबंधित अस्पताल में हुई दवाओं की खपत के अनुसार बजट बढ़ा सकेगी।

दो माह में शुरू होगी नई व्यवस्था
प्रभारी, क्वालिटी कंट्रोल, ड्रग कार्पोरेशन, डॉ. अनिल त्रिपाठी ने बताया कि नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है। अस्पतालों के डाटा का अध्ययन करीब-करीब पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि दो माह के अंदर इस व्यवस्था को कुछ अस्पतालों में लागू कर दिया जाएगा। इसके दूरगामी फायदे होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed