लखनऊ के इस एरिया में जमीन और दुकान खरीदना होगा महंगा
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राजस्व-निबंधन व स्टांप विभाग की टीमें अपनी रिपोर्ट 30 अक्तूबर तक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्थायी समिति को सौंपेंगी। एक तरफ जहां सर्किल रेट की नई दरों से संपत्ति खरीदना महंगा होगा, वहीं सर्वे टीम से जुड़े कुछ अफसर बताते हैं कि नई दरें उद्योग व व्यावसायिक क्षेत्र के लोगों को राहत देने की तैयारी है।
इसके तहत दुकान, गोदाम स्कूल से जुड़ी भूसंपत्तियों की वर्तमान निर्माण दरों में 2 से 5 फीसदी तक कमी का संकेत है। निर्माण दरों में कमी का फायदा यह होगा कि संपत्तियों की खरीद फरोख्त के बाद निबंधन कराना सस्ता होगा। निबंधन विभाग का कहना है कि फिलहाल निर्माण दर में छूट की राहत सिर्फ स्थानीय व क्षेत्रीय बाजार में ही मिलेगी।
इसमें एसी मार्केट, कॉम्प्लेक्स व मॉल की दुकानें शामिल नहीं हैं। स्थानीय व क्षेत्रीय बाजार में एक मंजिल से ऊपर की दुकानों के सर्किल रेट भी भूतल व प्रथम तल की दुकानों से 3 से 6 फीसदी तक कम रखने की संस्तुति की तैयारी है।
सस्ते होंगे पहली मंजिल से ऊपर के फ्लैट
नए डीएम सर्किल रेट में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार निर्माण दरों को भी 5 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी है। जो प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, उसके मुताबिक ऐसी खाली जमीन व प्लॉट, जिसमें तय मियाद बाद निर्माण कराया जा रहा है, वहां पुन: निर्माण दर पर स्टांप शुल्क लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य निबंधन बाद भी प्लॉट व भूखंड को लंबे समय तक खाली छोड़ने से अवैध कब्जेदारी की बढ़ती घटनाओं को रोकना है।
निबंधन विभाग के सर्वे कार्य से जुड़े एक सब रजिस्ट्रार के अनुसार प्राय: देखा गया है कि अधिकतर इलाकों में निर्मित बहुमंजिला आवासों में ग्राउंड फ्लोर व प्रथम तल के तो सभी फ्लैट आसानी से बिक जाते हैं, लेकिन दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिल के फ्लैट खरीदार लेने से बचते हैं। खाली पड़े फ्लैटों की बिक्री हो सके, इसको ध्यान में रखते हुए पहली मंजिल से ऊपर फ्लैट खरीदने वालों को सर्किल रेट में कुछ राहत देने का प्रस्ताव भी शामिल किया जा रहा है।
रायबरेली रोड से लेकर हरदोई रोड, कानुपर रोड, सीतापुर रोड, फैजाबाद रोड, शहीद पथ और गोमती नगर के कई इलाके भी कॉमर्शियल श्रेणी में चिह्नित किए जाने के संकेत सर्वे टीम में शामिल अधिकारियों ने दिए हैं। उनका कहना है कि इसके लिए लैंड यूज के बारे में एलडीए, आवास विकास व नगर निगम के प्रावधानों के आधार पर व्यावसायिक श्रेणी का सर्किल रेट लागू होगा।