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लखनऊ यूनिवर्सिटीः पोर्टल के माध्यम से मंगाए जाएंगे प्रश्नपत्र
Thu, 16 Apr 2020 02:41 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 16 Apr 2020 02:41 PM IST
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लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रश्नपत्र बनाने का काम लॉग इन आईडी के माध्यम से शिक्षक से सीधे पोर्टल पर लेने की व्यवस्था तैयार की जा रही है। इस व्यवस्था में प्रश्नपत्र मिलने में समय कम लगेगा तथा गोपनीयता भी ज्यादा होगी।
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विवि में एलएलबी पेपर लीक मामले के बाद लविवि इस नई व्यवस्था को लागू करने जा रहा है। इस संबध में गुरुवार को प्रेजेंटेशन किया जाएगा। लखनऊ विश्वविद्यालय पोर्टल के माध्यम से नई व्यवस्था में शिक्षक को अपनी लॉग इन करके तैयार प्रश्नपत्र अपलोड कर देना होगा। लॉग इन करने के समय मोबाइल पर भेजे गए वन टाइम पासवर्ड से उसका सत्यापन किया जाएगा।
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शिक्षक के पास यह मौका होगा कि वह प्रश्नपत्र किसी भी प्रारूप में इस पर दे सकेगा। पहले की तरह उसे प्रश्नपत्र के तीन सेट भी नहीं भेजने होंगे। इस तरह से भेजे गए प्रश्नपत्र संबंधित परीक्षा नियंत्रक देख सकेगा।
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विभागाध्यक्ष और संकायाध्यक्ष से बनवाएंगे प्रश्नपत्र
परीक्षा नियंत्रक के स्तर से इन्हें प्रिंट कराया जाएगा। हर स्तर पर उपयोगकर्ता का सत्यापन ओटीपी के माध्यम से होगा। पोर्टल के माध्यम से इसकी निगरानी आसान होगी कि कितने पेपर अभी तक नहीं आए हैं। पोर्टल पर ओटीपी व्यवस्था होने की वजह से इसमें गोपनीयता भी रहेगी।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र तैयार करने की व्यवस्था अब केंद्रीय के बजाय विभागाध्यक्ष और संकायाध्यक्ष स्तर से किया जाएगा। अभी तक यह जिम्मेदारी परीक्षा नियंत्रक के पास थी। नई व्यवस्था में स्नातक स्तर के प्रश्नपत्र तैयार कराने की जिम्मेदारी डीन और परास्नातक की विभागाध्यक्ष के पास रहेगी।
व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल से काम में तेजी आती है तथा गोपनीयता का स्तर भी बढ़ता है। इसीलिए प्रश्नपत्र मंगाने के लिए लॉगइन की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस पर प्रजेंटेशन देखने के बाद अंतिम फैसला होगा। - प्रो. आलोक कुमार राय, कुलपति, लविवि
लखनऊ विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र तैयार करने की व्यवस्था अब केंद्रीय के बजाय विभागाध्यक्ष और संकायाध्यक्ष स्तर से किया जाएगा। अभी तक यह जिम्मेदारी परीक्षा नियंत्रक के पास थी। नई व्यवस्था में स्नातक स्तर के प्रश्नपत्र तैयार कराने की जिम्मेदारी डीन और परास्नातक की विभागाध्यक्ष के पास रहेगी।
व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल से काम में तेजी आती है तथा गोपनीयता का स्तर भी बढ़ता है। इसीलिए प्रश्नपत्र मंगाने के लिए लॉगइन की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस पर प्रजेंटेशन देखने के बाद अंतिम फैसला होगा। - प्रो. आलोक कुमार राय, कुलपति, लविवि