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शताब्दी अस्पताल में बनेगी 10 बेड की नई डायलिसिस यूनिट

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2020 01:23 AM IST
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new 10 bed dialysis unit in Shatabdi hospital Lucknow
लखनऊ। डायलिसिस के लिए केजीएमयू आने वाले किडनी के मरीजों को अब इंतजार नहीं करना होगा। यहां 10 मशीनों की एक नई यूनिट शुरू होगी। इस तरह नेफ्रोलॉजी विभाग की यूनिट में कुल 27 मशीनें हो जाएंगी। जबकि समूचे केजीएमयू में इनकी संख्या 40 हो जाएगी। इससे एक दिन में 120 से 150 मरीजों की डायलिसिस हो सकेगी।   फिलहाल चल रहीं 30 मशीनें केजीएमयू में अभी 30 डायलिसिस मशीनें हैं। विभिन्न विभागों में एक से दो मशीनें लगाई गई हैं। नेफ्रोलॉजी विभाग में 17 मशीनें हैं। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत शताब्दी अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग की यूनिट को 2014 में शुरू किया गया था। यूनिट लगाने वाली कंपनी ने कुछ समय बाद मालिकाना हक नई कंपनी को दे दिया है। करीब दो साल पहले यहां के विभागाध्यक्ष के इस्तीफा देने के बाद व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई थीं। हालात यहां तक पहुंच गए कि यूनिट की आधे से ज्यादा मशीनें बंद कर दी गईं। लेकिन कुछ समय बाद यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. विश्वजीत सिंह को इस विभाग का प्रभार सौंपा गया। उनके नेतृत्व में केजीएमयू प्रशासन और डायलिसिस यूनिट के बीच भुगतान को लेकर चल रहा विवाद खत्म हुआ। इसके बाद एक नई यूनिट तैयार करने की योजना बनी। तीसरी बार भी एक ही कंपनी के टेंडर में शामिल होने के बाद उसे मंजूरी दे दी गई है। केजीएमयू प्रशासन की ओर से कंपनी को समझौता पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।   मरीजों को होगी सहूलियत केजीएमयू प्रशासन ने एक और डायलिसिस यूनिट स्थापित करने का फैसला किया है। इससे मरीजों की सहूलियतें बढ़ेंगी। प्रयास किया जा रहा है कि केजीएमयू में ज्यादा से ज्यादा डायलिसिस सुविधा मिल सके। जरूरत के हिसाब से डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। - डॉ. विश्वजीत सिंह, विभागाध्यक्ष नेफ्रोलॉजी केजीएमयू नई यूनिट से केजीएमयू को भी फायदा डायलिसिस यूनिट लगाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। इसमें कंपनी मशीन लगाएगी। उसका संचालन पीपीपी मॉडल पर होगा। मरीजों को पुरानी दर पर ही डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। डायलिसिस से होने वाली आमदनी में करीब 25 फीसदी केजीएमयू को मिलेगा और 75 फीसदी संबंधित कंपनी को जाएगा। - डॉ. एसएन शंखवार, सीएमएस केजीएमयू अमर उजाला ने किया था खुलासा केजीएमयू प्रशासन और पहले से चल रही डायलिसिस यूनिट के बीच भुगतान को लेकर वर्ष 2019 में विवाद हुआ था। कंपनी ने डायलिसिस यूनिट को बंद कर दिया था। इसकी वजह से यहां आने वाले डायलिसिस के मरीज परेशान हो गए थे। ऐसे में ‘अमर उजाला’ ने 19 अगस्त को माई सिटी के पेज चार पर केजीएमयू में नई डायलिसिस यूनिट शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें केजीएमयू प्रशासन की ओर से अंदरखाने की जा रही तैयारी का खुलासा किया था। अब इस यूनिट को स्थापित करने पर मुहर लग गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 
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