{"_id":"6574104d6861a1707c0eea03","slug":"ncrb-report-5079-deaths-because-of-marriage-love-and-domestic-violence-2023-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनसीआरबी रिपोर्ट: शादी, प्यार और घरेलू विवाद में 5079 लोगों की मौत, पशुओं के हमले में 182 ने गंवाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनसीआरबी रिपोर्ट: शादी, प्यार और घरेलू विवाद में 5079 लोगों की मौत, पशुओं के हमले में 182 ने गंवाई जान
Sat, 09 Dec 2023 12:29 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 09 Dec 2023 12:29 PM IST
सार
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2021 के मुकाबले 2022 में 2244 आत्महत्या के मामले बढ़े हैं। वहीं, दहेज की वजह से 500 महिलाओं की जान गई। पशुओं के हमले ने भी लोगों की जान ली है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pexels.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीते वर्ष शादी, प्यार और घरेलू विवाद की वजह से 5079 लोगों ने अपनी जान दे दी। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 के मुकाबले 2022 में आत्महत्या के 2244 ज्यादा मामले सामने आए। 2021 में जहां 5932 लोगों ने आत्महत्या की तो 2022 में इनकी संख्या 37.8 प्रतिशत बढ़कर 8176 हो गयी। इनमें 5225 पुरुष और 2951 महिलाएं हैं।
विज्ञापन
आंकड़ों पर गौर करें तो बीते वर्ष घरेलू विवाद में 3134, प्रेम संबंधों में 720 और शादी को लेकर हुए विवाद की वजह से 1225 लोगों ने जान दे दी। दहेज की वजह से 500 विवाहिताओं ने और विवाहेतर संबंधों की वजह से 101 लोगों ने आत्महत्या की।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - राम मंदिर की वर्तमान स्थिति को दर्शाने वाली तस्वीरें... प्रथम तल लगभग तैयार, पढ़ें पूरा अपेडट
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - अच्छी खबर... यूपी में यातायात पुलिस के 2287 रिक्त पदों पर होगी तैनाती, पढ़ें अपडेट
परीक्षा में असफल होने पर 122 लोगों ने आत्महत्या कर ली। दिवालिया अथवा बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने की वजह से 42, बीमारी से 429, किसी करीबी की मुत्यु होने पर 110, नशे का आदी होने से 118, सामाजिक प्रतिष्ठा खत्म होने पर 58, गरीबी से 77, बेरोजगारी से 151, संपत्ति विवाद से 121, अवैध संबंधों से 76, पेशागत समस्या को लेकर 63 लोगों ने जान दी।
प्रदेश के महानगरों में हुए आत्महत्या के मामले
आगरा- 289
गाजियाबाद- 157
कानपुर- 430
लखनऊ- 361
मेरठ- 34
प्रयागराज- 116
वाराणसी- 163
वरिष्ठ नागरिकों के साथ जघन्य वारदातों में कमी
प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाली जघन्य वारदातों में कमी आई है। वर्ष 2020 में 353 वरिष्ठ नागरिकों के साथ अपराध के मामले सामने आए थे, जो वर्ष 2021 में बढ़कर 423 हो गये। हालांकि 2022 में कुल 410 मामले सामने आए। इनमें हत्या के 103, गंभीर रूप से चोट पहुंचाने के 46, बलात्कार का एक, चोरी के 35 और धोखाधड़ी के 106 मामले हुए। बीते वर्ष वरिष्ठ नागरिकों के साथ अपहरण, वसूली, लूट और डकैती का कोई भी प्रकरण सामने नहीं आया। पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाले 87.6 प्रतिशत मामलों में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
पशुओं के हमले में गयी 182 लोगों की जान
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष पशुओं के हमले में प्रदेश में कुल 182 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। पशुओं के हमले में जान गंवाने के मामले में महाराष्ट्र देश में पहले स्थान पर है, जहां बीते वर्ष 225 मामले सामने आए। इसी तरह ट्रेनों में होने वाली दुर्घटनाओं में 3166 और रेलवे क्रॉसिंग को पार करने के चक्कर में 1340 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।