सेवा की हर कसौटी पर एनसीसी ने बनाई अलग पहचान, अपर मुख्य सचिव अराधना शुक्ला
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देश व समाज की सेवा हो या फिर पर्यावरण संरक्षण, बाढ़, भूकंप, सुनामी, मिशन नारी शक्ति, गंगा सफाई और यहां तक कि कोरोना संक्रमण से बचाव की बात हो, एनसीसी कैडेट्स ने अहम भूमिका निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई है।
इनकी सेवा, समर्पण और अनुशासन हर किसी के लिए प्रेरणा है। ये बातें अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने कहीं। वह मंगलवार को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विवि में 72वें एनसीसी दिवस पर आयोजित समारोह में बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि देश को अनुशासन, राष्ट्रीय एकता और देश प्रेम का उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए जिस समर्पण से एनसीसी काम कर रहा है, उसकी सराहना जरूरी है। सेना की मदद और देश के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ही 1948 में एनसीसी का गठन किया, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
देश को दो प्रधानमंत्री देने का श्रेय भी एनसीसी को है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी एनसीसी कैडेट्स रहे हैं। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ हार्ट सर्जन डॉ. नरेश त्रेहन एनसीसी के अनुशासन की आज भी तारीफ करते हैं।
इनको मिले मेडल
डायरेक्टर, उत्तर प्रदेश कर्नल नीलम गुरुंग ने एनसीसी-2020 की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कैडेट्स ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।
मुख्यमंत्री गोल्ड मेडल: सीनियर अंडर ऑफिसर सैयद जीशान हाशमी, झांसी, सीनियर अंडर ऑफिसर दिव्या पाल, झांसी, कैडेट शासवंत शर्मा, फतेहगढ़, सार्जेंट शिवदीन यादव, बलरामपुर, सीनियर अंडर ऑफिसर क्षमा मिश्रा, बलरामपुर, कैडेट दीक्षा दुबे, बलिया
सिल्वर मेडल: कैडेट शिवम पाल, सीतापुर, कैडेट कुलदीप, फतेहपुर, कैडेट निशांत सिंह तोमर, फतेहपुर, कैप्टन सुनील कुमार काबिया, झांसी, मेजर वीके शुक्ला, बलरामपुर, मेजर केके सिंह, फतेहगढ़, लेफ्टिनेंट रश्मि सिंह, झांसी, सीनियर अंडर ऑफिसर हितिका यादव, झांसी, अंडर ऑफिसर कंचन श्रीवास्तव, बलरामपुर, अंडर ऑफिसर साहिबा खान, बलरामपुर।