बड़ा फैसला: फिर लौटेगा नेहरू का नेशनल हेराल्ड
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द एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) अब नए नाम से नेशनल हेराल्ड, कौमी आवाज और नवजीवन को री-लॉन्च करेगी। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की बनाई कंपनी का नया नाम भी अब द एसोसिएटेड जर्नल्स (एजे) होगा।
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बहुमत शेयर वाली कंपनी के साथ करार के बाद विवाद में आई एजेएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने यह फैसला लिया है।
कंपनी की असाधारण सामान्य बैठक (ईजीएम) बृहस्पतिवार को लखनऊ में हुई। कैसरबाग स्थित एजेएल के स्वामित्व वाले इंदिरा गांधी आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में आयोजित बैठक में चेयरमैन मोतीलाल वोरा सहित 28 निदेशक व शेयर होल्डर्स शामिल हुए।
बैठक में बतौर प्रेक्षक जस्टिस भंवर सिंह व सीबी पांडेय मौजूद थे। बैठक के बाद वोरा ने बताया कि सभी बिंदुओं पर सर्वसम्मति से निदेशक मंडल ने फैसला लिया है।
नाट फॉर प्रॉफिट के रूप में काम करेगी कंपनी
ईजीएम में पारित प्रस्तावों के मुताबिक एजेएल अब नॉट फॉर-प्रॉफिट कंपनी के रूप में काम करेगी। इसके लिए कंपनी एक्ट, 2013 के सेक्शन 8 के अनुसार बदलाव करेगी।
इसी के साथ कंपनी के कानून यानी मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (एमओए) में बदलाव किए जाने पर भी सहमति बनी है। कंपनी का द आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में भी कुछ बदलाव होने हैं।
वोरा ने बताया कि निदेशक मंडल की बैठक में फैसला हुआ है कि कंपनी के अखबारों को दुबारा शुरू किया जाए। नवंबर 1937 में शुरू हुए इन अखबारों ने आजादी की लड़ाई में देश के लोगों की आवाज बनने का काम किया। समाज की बेहतरी और जनहित में ऐतिहासिक योगदान दिया।
कंपनी को बनाए जाने के इस उद्देश्य को प्रथम स्थान पर रखा गया है। नेशनल हेराल्ड सहित तीनों अखबारों का मुख्यालय लखनऊ में ही था, ऐसे में निदेशक मंडल की अगली सामान्य बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी कि कौन से एडिशन शुरू किए जाएं।
लखनऊ में भी अखबार निकालने पर होगा फैसला
लखनऊ से पहले ही चरण में अखबार निकालने पर भी फैसला अभी लिया जाना है। यह फैसला सामान्य बैठक में ही होगा।
एक घंटा देरी से शुरू हुई बैठक
बृहस्पतिवार को बैठक दोपहर बाद तीन बजे शुरू होनी थी, लेकिन ऑब्जर्वर और कुछ निदेशकों के आने में विलंब होने के कारण बैठक करीब एक घंटा देरी से शुरू हो सकी।
ईजीएम में चेयरमैन मोतीलाल वोरा के अलावा अन्य निदेशकों में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, ऑस्कर फर्नांडिस, सैम पित्रोदा, रत्ना सिंह, कांग्रेस नेता सलीम शेरवानी, सैयद सिब्ते रजी, प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, दीपेंद्र हुडा, कमल मान आदि मौजूद थे।