काशी से होकर बहेगी यूपी में विकास की गंगा
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केंद्र सरकार ने चुनाव के दौरान किए गए वादों को भाजपा संगठन के जरिये जमीन पर उतारने की तैयारी की है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी से शुरू करने की योजना बनी है।
इसके लिए खुद नरेंद्र मोदी वाराणसी आएंगे। इससे पहले पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह काशी आकर पूरी कार्ययोजना को अंतिम स्वरूप देंगे।
शाह की काशी यात्रा 16 व 17 अगस्त को संभावित है। वे चुनाव के दौरान वाराणसी के लोगों से किए गए वादों की प्राथमिकताएं तय करेंगे।
संघ की भी यही है मर्जी
दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चाहता है कि केंद्र सरकार के फैसले संगठन के जरिये जमीन पर उतरें, जिससे क्षेत्रों के विकास के साथ इसमें संगठन के लोगों की भागीदारी भी दिखे। लोगों को यह संदेश दिया जा सके कि भाजपा अपने वादे पूरे कर रही है।
सरकार संगठन के एजेंडे पर काम कर रही है। जनता में इस बात का भरोसा पैदा हो कि संगठन लोगों से जो वादे करेगा या लोग उसे जिन समस्याओं से अवगत कराएंगे, सरकार उनका समाधान करेगी। प्रधानमंत्री मोदी भी यही चाहते हैं।
इसलिए बनी कार्ययोजना
भगवा टोली के रणनीतिकारों का मानना है कि इस रणनीति से न सिर्फ विकास कार्य गुणवत्ता वाले और सुनियोजित तरीके से हो सकेंगे बल्कि लोगों में भाजपा की पहुंच व पकड़ भी बढ़ेगी।
साथ ही पुरानी एनडीए सरकार वाली गलतियों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी। पार्टी और सरकार एकजुट होकर काम करती दिखेगी। सत्ता व संगठन में संवाद और समन्वय का भी संदेश देने में सुविधा रहेगी। वाराणसी के बाद इसी तर्ज पर आगे अन्य स्थानों पर काम होगा।
खींचा जा चुका है खाका
इसके लिए प्रदेश के महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने काशी में एक दिन रहकर और वहां के लोगों से बातचीत करके उनकी अपेक्षाओं को समझा।
यह जानने की कोशिश की कि उनके लिहाज से किन कामों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अन्य समस्याओं और उनके समाधान के रास्तों को समझने का प्रयास किया।
वहां से दिल्ली लौटने के बाद उन्होंने काशी प्रवास के अपने अनुभवों के बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य प्रमुख लोगों के सामने पूरी कार्ययोजना रखी।
इस दौरान काशी के भाजपा संगठन के प्रमुख लोग व स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उनके साथ थे।