अब मोदी के हाथों में है सोनिया के रायबरेली का भविष्य!
मुख्य सचिव आलोक रंजन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि दोनों शहरों को समान अंक मिले हैं। इसलिए केंद्र सरकार अपने स्तर पर यह तय करे कि 13वां शहर कौन होगा। या वह यह बताए कि समान अंक की स्थिति में दोनों में से किसको वरीयता दी जाए।
हालांकि इस बार भेजे गए प्रस्ताव में मेरठ का नाम पहले लिखा गया है। पहले वाले प्रस्ताव में रायबरेली का नाम पहले लिखा हुआ था। ऐसे में माना जा रहा है कि रायबरेली दौड़ में पिछड़ चुकी है। यूपी के 13वें शहर पर पेंच इसलिए फंस गया क्योंकि मेरठ व रायबरेली को समान 75-75 अंक मिले हैं।
राज्य सरकार ने इसके आधार पर ही केंद्र को प्रस्ताव भेजा था। तब केंद्र ने 12 शहरों का नाम फाइनल कर 13वें शहर पर स्पष्ट प्रस्ताव मांगा गया। राज्य सरकार ने फिर से मेरठ तथा रायबरेली का नाम भेजा है और कहा है कि केंद्र अपने स्तर पर ही तय कर दे कि किसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है।
दिसंबर तक खिंच जाएगा खाका
स्मार्ट सिटी का स्वरूप कैसा होगा और शहरी लोगों को इनमें क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी, इसका पूरा प्रारूप दिसंबर तक तैयार हो जाएगा। सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति ने स्मार्ट सिटी का प्रारूप तैयार करने के लिए शहरवार कंसल्टेंट का चयन कर लिया है।
ये कंसल्टेंट 10 दिन के अंदर संबंधित नगर निगमों व पालिका परिषदों से एग्रीमेंट करने के साथ ही 60 दिन के अंदर प्रारूप तैयार करके दे देंगे।उत्तर प्रदेश के 13 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाना है। स्मार्ट सिटी में क्या-क्या होगा, इसमें कौन-कौन से काम होने हैं, इसका पूरा प्रारूप कंसल्टेंट के माध्यम से तैयार कराया जाना है।
यूपी में इसके लिए कंसल्टेंट्स से टेक्निकल बिड मांगी गई थी। इसके आधार पर कंसल्टेंट का चयन किया गया है।
लखनऊ के लिए डेटा वर्ल्ड प्रा. लि., झांसी व वाराणसी के लिए एनके बिल्डकॉन, कानपुर के लिए डॉर्च होल्डिंग कंसल्टिंग इंडिया लि.,सहारनपुर के लिए सॉफ्ट टेक इंजीनियर्स प्रा. लि., आगरा व बरेली के लिए इंटरनेशनल सिटी/काउंटी मैनेजमेंट एसोसिएशन, मुरादाबाद व रामपुर के लिए इंजीनियर्स इंडिया लि का चयन किया गया है।
इसके अलावा अलीगढ़ व इलाहाबाद के लिए आर्वी एसोसिएट, गाजियाबाद के लिए डॉर्च होल्डिंग कंसल्टिंग इंडिया लि. तथा रायबरेली व मेरठ के लिए सॉफ्ट टेक इंजीनियर्स प्रा. लि. का बतौर कंसल्टेंट चयन किया गया है। रायबरेली व मेरठ में से किसी एक के नाम पर केंद्र की मुहर लगने के बाद कंसल्टेंट संबंधित जिले के लिए स्मार्ट सिटी का प्रारूप तैयार करके देगा।