{"_id":"677441b7bfe02ac719051b57","slug":"name-of-deceased-leader-in-the-list-of-bjp-district-representatives-raebareli-news-c-101-1-rai1002-125066-2025-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: भाजपा जिला प्रतिनिधियों की सूची में मृत नेता का नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: भाजपा जिला प्रतिनिधियों की सूची में मृत नेता का नाम
Wed, 01 Jan 2025 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 01 Jan 2025 12:40 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा अभी से होमवर्क कर रही है। पार्टी के रणनीतिकारों ने मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों की सूची बनाई और फिर उसे जारी किया गया। सूची में रायबरेली के राही ब्लाक से संजय मौर्य का नाम जिला प्रतिनिधि के रूप में है। पार्टी के लोगों का दावा है कि संजय मौर्य का 2022 में निधन हो चुका है। इससे पार्टी पदाधिकारियों में भी खलबली मची हुई है। वहीं मृतक के परिवार ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की है।
मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों की सूची पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय की संस्तुति पर रविवार को फाइनल हुई थी। वहीं जिला प्रभारी पीयूष मिश्रा और पर्यवेक्षक के रूप में प्रदेश महामंत्री संजय राय की देखरेख में मंडल अध्यक्षों का चुनाव किया गया। सोमवार को सूची सामने आई तो इसमें राही ब्लाक से जिला प्रतिनिधि के पद पर संजय मौर्य का भी शामिल रहा।
जबकि संजय का 18 मई 2022 को देहांत हो चुका है। इसके बाद सोशल मीडिया पर संजय मौर्य के नाम पर भाजपा जिला कार्यकारिणी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक दिवंगत नेता का नाम जिल प्रतिनिधि में कैसे आ गया, इस पर पार्टी के बड़े पदाधिकारी कुछ नहीं कह रहे हैं। बताया जा रहा है कि जांच हो रही है।
विज्ञापन
पार्टी मीडिया प्रभारी विनय शुक्ला का कहना है कि मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधियों का चयन प्रदेश महामंत्री की देखरेख में हुआ है। इसमें गलती नहीं हो सकती है। सोशल मीडिया पर जो ट्रेंड हो रहा है, उस पर पार्टी के पदाधिकारियों से बात की जा रही है। संजय मौर्य का नाम राही से है, लेकिन उनके गांव का नाम नहीं है। संजय मौर्य नाम के और भी पदाधिकारी हो सकते हैं। बातचीत के बाद ही वास्तविकता का पता चलेगा।
जातीय समीकरण को साधने की कोशिश
मंडल अध्यक्ष पद में जातीय आधार पर समीकरण को खूब साधने की कोशिश की गई है। जिसमें विधानसभावार जारी लिस्ट में पार्टी की तरफ से यादव बिरादरी को दरकिनार किया गया। इसके अलावा ओबीसी की अन्य जातियों को भी कम भागीदारी मिल सकी है।
परिवार ने जताई आपत्ति
संजय मौर्य का नाम जिला प्रतिनिधि की सूची में आने से उनके परिवार के पास सुबह से लगातार फोन आ रहे हैं। इस पर परिवार में खासी नाराजगी है। संजय के बुआ के लड़के अशोक का कहना है कि संजय मौर्य का निधन हो चुका है और उनका नाम जिला प्रतिनिधि की सूची में है। यह गलत है। इससे हमारे परिवार को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों की सूची पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय की संस्तुति पर रविवार को फाइनल हुई थी। वहीं जिला प्रभारी पीयूष मिश्रा और पर्यवेक्षक के रूप में प्रदेश महामंत्री संजय राय की देखरेख में मंडल अध्यक्षों का चुनाव किया गया। सोमवार को सूची सामने आई तो इसमें राही ब्लाक से जिला प्रतिनिधि के पद पर संजय मौर्य का भी शामिल रहा।
विज्ञापन
जबकि संजय का 18 मई 2022 को देहांत हो चुका है। इसके बाद सोशल मीडिया पर संजय मौर्य के नाम पर भाजपा जिला कार्यकारिणी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक दिवंगत नेता का नाम जिल प्रतिनिधि में कैसे आ गया, इस पर पार्टी के बड़े पदाधिकारी कुछ नहीं कह रहे हैं। बताया जा रहा है कि जांच हो रही है।
विज्ञापन
पार्टी मीडिया प्रभारी विनय शुक्ला का कहना है कि मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधियों का चयन प्रदेश महामंत्री की देखरेख में हुआ है। इसमें गलती नहीं हो सकती है। सोशल मीडिया पर जो ट्रेंड हो रहा है, उस पर पार्टी के पदाधिकारियों से बात की जा रही है। संजय मौर्य का नाम राही से है, लेकिन उनके गांव का नाम नहीं है। संजय मौर्य नाम के और भी पदाधिकारी हो सकते हैं। बातचीत के बाद ही वास्तविकता का पता चलेगा।
जातीय समीकरण को साधने की कोशिश
मंडल अध्यक्ष पद में जातीय आधार पर समीकरण को खूब साधने की कोशिश की गई है। जिसमें विधानसभावार जारी लिस्ट में पार्टी की तरफ से यादव बिरादरी को दरकिनार किया गया। इसके अलावा ओबीसी की अन्य जातियों को भी कम भागीदारी मिल सकी है।
परिवार ने जताई आपत्ति
संजय मौर्य का नाम जिला प्रतिनिधि की सूची में आने से उनके परिवार के पास सुबह से लगातार फोन आ रहे हैं। इस पर परिवार में खासी नाराजगी है। संजय के बुआ के लड़के अशोक का कहना है कि संजय मौर्य का निधन हो चुका है और उनका नाम जिला प्रतिनिधि की सूची में है। यह गलत है। इससे हमारे परिवार को परेशानी हो रही है।