यूपी सरकार से सौदे पर उतरे मुस्लिम, कहा- 18 फीसदी आरक्षण दो
- सपा सरकार को मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में 18 फीसदी आरक्षण देने के वादे की याद दिलाई।
- पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. नजमुल हसन गनी ने वादा खिलाफी में सपा व भाजपा को एक दूसरे का पूरक।
- सत्ता में आने के बाद सपा व भाजपा दोनों ने जनता से किए वादे पूरे नहीं किए।
विस्तार
इंडियन मुस्लिम लीग ने सपा सरकार को मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में 18 फीसदी आरक्षण देने के वादे की याद दिलाई।
पार्टी ने सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आरक्षण देने के बजाए मुसलमानों को आईएसआई व आईएसआईएस के नाम पर जेलों में डाला जा रहा है।
बृहस्पतिवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. नजमुल हसन गनी ने वादा खिलाफी में सपा व भाजपा को एक दूसरे का पूरक बताया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में सबका विकास, भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण करने, बेरोजगारी दूर करने व विदेशों से काला धन वापस लाने का वादा किया था।
भाजपा व सपा दोनों ने पूरे नहीं किए वादे
जबकि, सपा ने बेगुनाह मुसलमानों की रिहाई, 27 फीसदी पिछड़ा वर्ग कोटे से मुस्लिम पिछड़ी जातियों को 10 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सपा व भाजपा दोनों ने जनता से किए वादे पूरे नहीं किए।
प्रदेश महासचिव सिफात अली खां ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने 6 दिसंबर 1992 व 26 जनवरी 1993 को देश के सामने बाबरी मस्जिद को अयोध्या में उसी जगह पर बनाने का वादा किया था।
इस मौके पर मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष डा. अनीस अहमद कुरैशी, अतीकुर्रहमान खां, राहत अफरोज, प्रदेश सचिव इसरार अहमद एडवोकेट आदि मौजूद रहे।