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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अयोध्या मामले में पक्ष रखने को तय किया रुख
Mon, 25 Mar 2019 01:28 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: vivek shukla
Updated Mon, 25 Mar 2019 01:28 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अयोध्या मामले में गठित मध्यस्थता कमेटी में पक्ष रखने के लिए अपना रुख तय कर लिया है। बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्यों और सुप्रीम कोर्ट में मामले में मुस्लिम पक्ष रख रहे अधिवक्ताओं की रविवार को नदवा कॉलेज में हुई आपात बैठक में करीब पांच घंटे तक मंथन हुआ। बोर्ड 27 व 29 मार्च को मध्यस्थता कमेटी की होने वाली बैठक में अपना पक्ष रखेगा। बैठक से मीडिया को पूरी तरह से दूर रखा गया।
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अयोध्या मामले में मध्यस्थता कमेटी की बैठक 27 व 29 मार्च को होनी हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपना रुख तय करने के लिए कार्यकारिणी सदस्यों की आपात बैठक बुलाई। बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपाध्यक्ष मौलाना जलालुद्दीन उमरी, महासचिव मौलाना वली रहमानी, प्रवक्ता मौलाना खलीलुर्रहमन सज्जाद नोमानी, सचिव एडवोकेट जफरयाब जीलानी, मौलाना खालिद सैफुल्लाह, कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, डॉ. कासिम रसूल इलियास, मौलाना अतीक बस्तवी, मौलाना अशहद रशीदी, कमाल फारूकी, काका सईद उमरी, मौलाना फखरुद्दीन अशरफ, मौलाना शाहिद सहारनपुरी, महिला विंग से डॉ. असमा जेहरा, निगहत परवीन, प्रो. मोनीसा बुशरा आब्दी, आमिना रिजवान, सबीहा सिद्दीकी के अलावा सुप्रीम कोर्ट के वकील यूसुफ मचाला, एसआर शमशाद के साथ अन्य अधिवक्ता भी शामिल हुए।
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बोर्ड अपने पुराने रुख पर रह सकता है कायम
भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि अयोध्या मामले में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अपने पुराने रुख पर कायम रह सकता है। बोर्ड का मानना है कि विवादित जमीन मस्जिद की है जिस पर कोई दूसरी इमारत नही बनाई जा सकती। बैठक में हुई चर्चा पर सभी सदस्य चुप्पी साधे रहे लेकिन बोर्ड ने सदस्यों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं के साथ मंथन कर अपना रुख साफ कर लिया है। हालांकि बोर्ड हमेशा से यह कहता रहा है कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानेगा।
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