{"_id":"58df62ed4f1c1b0f4063e15c","slug":"muslim-family-performed-mundan-ceremony-in-temple","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुस्लिम परिवार ने नैमिषारण्य मंदिर में कराया मुंडन संस्कार, बतायी ये वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुस्लिम परिवार ने नैमिषारण्य मंदिर में कराया मुंडन संस्कार, बतायी ये वजह
ब्यूरो/अमरउजाला, नैमिषारण्य
Updated Sat, 01 Apr 2017 04:30 PM IST
विज्ञापन
ललिता देवी मंदिर में मुंडन कराता मुस्लिम परिवार
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आस्था को धर्म की बंदिशों में बांध कर नहीं रखा जा सकता है। हरदोई के एक मुस्लिम परिवार ने ऐसी ही कुछ मिसाल पेश की है। मुस्लिम परिवार शुक्रवार को नैमिष में मां ललिता देवी के दरबार पहुंचा और मां के चरणों में माथा टेकने के बाद अपनी बच्ची का मुंडन संस्कार कराया।
विज्ञापन
मंदिर में दर्शन के लिए आए अन्य लोग भी मुस्लिम परिवार की भक्ति देख शीश नवा रहे थे। हरदोई जिले के बेहटा गोकुल कस्बा निवासी गिल्लू पुत्र शेर अली शुक्रवार को अपने परिवार के साथ माता ललिता देवी के दरबार में पहुंचा।
विज्ञापन
यहां पर गिल्लू ने परिवार के साथ पहले माता के दर्शन किए और फिर प्रसाद चढ़ाया। जिसके बाद वह मंदिर के उस स्थान पर पहुंचा, जहां पर मुंडन संस्कार की रस्म होती है। यहां पर पूजा अर्चना के साथ गिल्लू ने हिंदू रीति रिवाज से अपनी पुत्री मुस्कान का मुंडन संस्कार कराया।
विज्ञापन
परिवार के कई सदस्य भी रहे मौजूद
मंदिर में मुंडन कराता मुस्लिम परिवार
- फोटो : amar ujala
खुशी के इस पल में गिल्लू के परिवार के कई सदस्य भी मौजूद थे। गिल्लू ने बताया कि वह माता की ख्याति लंबे समय से सुनते आ रहा है। मां के चरणों में माथा टेकने के लिए मैं व मेरा परिवार बेताब था।
परिवार का कहना था कि नवरात्र का अवसर बेहद पावन है। इस वजह से नवरात्र में यहां मुंडन संस्कार कराने चला आया। गिल्लू का कहना था कि इस दरबार से मेरी व मेरे परिवार की आस्था जुड़ी हुई है। इसलिए वह यहां पर आया है।
परिवार का कहना था कि नवरात्र का अवसर बेहद पावन है। इस वजह से नवरात्र में यहां मुंडन संस्कार कराने चला आया। गिल्लू का कहना था कि इस दरबार से मेरी व मेरे परिवार की आस्था जुड़ी हुई है। इसलिए वह यहां पर आया है।