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Lucknow News: देशभर के निकायों को कुत्तों की नसबंदी की ट्रेनिंग देगा नगर निगम
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एबीसी सेंटर का लोकार्पण करते मंत्री एके शर्मा।
लखनऊ। नगर निगम देशभर के निकायों को कुत्तों की नसबंदी कर उनकी आबादी नियंत्रित करने की ट्रेनिंग देगा। इसके लिए बुधवार को नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने इंदिरानगर के जरहरा पशु चिकित्सालय में बनाए गए एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर का लोकार्पण किया। यह देशभर का पहला ट्रेनिंग सेंटर है।
कुत्तों के काटने और दौड़ाने से होने वाले हादसों को देखते हुए उनकी आबादी नियंत्रित करने की मांग उठ रही है। शासन के निर्देश पर नगर निगम ने निकायों को प्रशिक्षण देने के लिए यह सेंटर बनाया है। यहां कुत्तों की नसबंदी के साथ केंद्र स्थापित करने और उसके संचालन की जानकारी भी दी जाएगी। लोकार्पण के मौके पर महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौजूद रहे।
मुंबई की संस्था देगी ट्रेनिंग
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए मुंबई की संस्था ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल वेलफेयर को चुना गया है। यह संस्था कई साल से नगर निगम में कुत्तों की नसबंदी कर रही है। इसके लिए नगर निगम, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया और प्रदेश सरकार के बीच त्रिपक्षीय अनुबंध हुआ है।
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अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव ने बताया कि सितंबर 2019 से लखनऊ में श्वान जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम चल रहा है। प्रदेश का पहला नसबंदी केंद्र भी यहीं शुरू हुआ था। अब तक 1.08 लाख कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। जनवरी 2026 के सर्वे के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र के 80 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है।
नियमों के तहत जरूरी है नसबंदी
डॉ. अरविंद राव के मुताबिक, नियमों के तहत कुत्तों को पकड़कर लंबे समय तक रखा नहीं जा सकता और न ही दूसरी जगह छोड़ा जा सकता है। नसबंदी के बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ना होता है, जहां से पकड़ा गया था। नसबंदी केंद्र, प्रशिक्षित स्टाफ और कुत्तों को पकड़ने की प्रक्रिया के लिए निर्धारित मानकों की जानकारी भी निकायों को दी जाएगी।
15 दिन की होगी ट्रेनिंग
डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि सेंटर के निर्माण पर 2.50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यहां एक बार में 30 लोगों को 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। सेंटर में दो ऑपरेशन टेबल वाला ऑपरेशन थियेटर, प्रिपरेशन रूम, कॉन्फ्रेंस रूम और दो क्लासरूम बनाए गए हैं।
प्रशिक्षण के लिए पशु चिकित्सकों से 5,000 रुपये, पैरा वेटरिनेरियन से 1,500 रुपये और कुत्ता पकड़ने का प्रशिक्षण लेने वालों से 1,000 रुपये शुल्क लिया जाएगा। आवेदन फॉर्म नगर निगम की वेबसाइट lmc.up.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है।
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कुत्तों के काटने और दौड़ाने से होने वाले हादसों को देखते हुए उनकी आबादी नियंत्रित करने की मांग उठ रही है। शासन के निर्देश पर नगर निगम ने निकायों को प्रशिक्षण देने के लिए यह सेंटर बनाया है। यहां कुत्तों की नसबंदी के साथ केंद्र स्थापित करने और उसके संचालन की जानकारी भी दी जाएगी। लोकार्पण के मौके पर महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौजूद रहे।
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मुंबई की संस्था देगी ट्रेनिंग
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए मुंबई की संस्था ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल वेलफेयर को चुना गया है। यह संस्था कई साल से नगर निगम में कुत्तों की नसबंदी कर रही है। इसके लिए नगर निगम, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया और प्रदेश सरकार के बीच त्रिपक्षीय अनुबंध हुआ है।
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अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव ने बताया कि सितंबर 2019 से लखनऊ में श्वान जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम चल रहा है। प्रदेश का पहला नसबंदी केंद्र भी यहीं शुरू हुआ था। अब तक 1.08 लाख कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। जनवरी 2026 के सर्वे के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र के 80 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है।
नियमों के तहत जरूरी है नसबंदी
डॉ. अरविंद राव के मुताबिक, नियमों के तहत कुत्तों को पकड़कर लंबे समय तक रखा नहीं जा सकता और न ही दूसरी जगह छोड़ा जा सकता है। नसबंदी के बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ना होता है, जहां से पकड़ा गया था। नसबंदी केंद्र, प्रशिक्षित स्टाफ और कुत्तों को पकड़ने की प्रक्रिया के लिए निर्धारित मानकों की जानकारी भी निकायों को दी जाएगी।
15 दिन की होगी ट्रेनिंग
डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि सेंटर के निर्माण पर 2.50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यहां एक बार में 30 लोगों को 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। सेंटर में दो ऑपरेशन टेबल वाला ऑपरेशन थियेटर, प्रिपरेशन रूम, कॉन्फ्रेंस रूम और दो क्लासरूम बनाए गए हैं।
प्रशिक्षण के लिए पशु चिकित्सकों से 5,000 रुपये, पैरा वेटरिनेरियन से 1,500 रुपये और कुत्ता पकड़ने का प्रशिक्षण लेने वालों से 1,000 रुपये शुल्क लिया जाएगा। आवेदन फॉर्म नगर निगम की वेबसाइट lmc.up.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है।

एबीसी सेंटर का लोकार्पण करते मंत्री एके शर्मा।