नगर निगम सख्त: प्रतिष्ठान 15 दिन में बनवाने ले लाइसेंस, नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई
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इस बार लाइसेंस जारी करने की जोनल व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया गया है। अब पूरे शहर के लाइसेंस नगर निगम मुख्यालय से ही जारी होंगे। पास हुए प्रस्ताव के तहत नगर निगम सीमा के अंदर लाइसेंस लेना जरूरी है। इससे नगर निगम को पांच करोड़ रुपये से अधिक की आय होने की उम्मीद है।
शासन ने वर्ष 2004 में नगर निगम को शहरी सीमा में चलने वाले कारोबार पर नियंत्रण और आय बढ़ाने को लेकर अधिकार दिए थे। नगर निगम अधिनियम में भी इसका प्रावधान है। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने 21 तरह के कारोबार को लाइसेंस के दायरे में लाने को लेकर उपविधियां बनाई थीं।
इनको पूरी तरह लागू किया जाता, उससे पहले ही नर्सिंग होम एसोसिएशन, ईंट भटठा व केबिल आदि का कारोबार करने वाले बड़े संगठन ने कानूनी विवाद खड़ा कर दिया था। चार साल पहले उसका निपटारा भी हो चुका है।
बढ़ी दरें अप्रैल से होंगी लागू
उसके बाद भी करोबारी नगर निगम से लाइसेंस नहीं बनवा रहे हैं। इसे लेकर निगम ने चेतावनी नोटिस जारी किया है। इसमें कहा है कि नोटिस जारी होने के 15 दिन में लाइसेंस नहीं बनवाया गया तो उसके बाद दुकानों और प्रतिष्ठानों को सील व कुर्क करने की कार्रवाई होगी।
आय बढ़ाने को लेकर नगर निगम 21 लाइसेंसों के शुल्क के अलावा सिनेमा के शो टैक्स में बढ़ोतरी कर चुका है। उसका प्रस्ताव पहले नगर निगम कार्यकारिणी और उसके बाद सदन भी मंजूर कर चुका है। सदन में पास हुए प्रस्ताव के तहत अगले साल होटल और गेस्ट हॉउस वालों को 10 गुना अधिक लाइसेंस शुल्क देना होगा।
इसी तरह प्राइवेट नर्सिंग होम, अस्पताल व क्लीनिक वालों को तीन गुना अधिक लाइसेंस शुल्क देना होगा। सबसे अधिक 24 गुना शो टैक्स सिनेमा घर और मल्टीप्लेक्स वालों को देना होगा। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी व नगर निगम के मीडिया प्रभारी अशोक सिंह ने बताया कि सदन की मंजूरी के बाद अब नई दरों पर आपत्ति मांगी जाएंगी। उसके बाद उनका प्रकाशन किया जाएगा। प्रकाशन के बाद उनको नए वित्तीय वर्ष अप्रैल 2019 से लागू किया जाएगा। ऐसे में इस साल पुरानी दर से ही लाइसेंस जारी होंगे।
यहां देखें, किस प्रतिष्ठान पर कितना शुल्क
अब मुख्यालय से बनेंगे लाइसेंस
पूरे शहर के सभी लाइसेंस अब नगर निगम मुख्यालय से ही जारी होंगे। अप्रैल से मई तक विलंब शुल्क नहीं लगता है। उसके बाद जून से विलंब शुल्क भी लिया जाता है। जिन दुकानदारों ने लाइसेंस नहीं बनवाए हैं वह 15 दिन के अंदर बनवा लें। ऐसा न करने वालों के खिलाफ नगर आयुक्त के आदेश के तहत सीलिंग और कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप अवस्थी, अधीक्षक लाइसेंस विभाग नगर निगम