लव जिहाद एक जुमला है जिसका इस्तेमाल समाज में नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है: मुनव्वर राना
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शायर मुनव्वर राणा अपने बयान को लेकर फिर सुर्खियों में हैं। धर्मांतरण को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा बनाए जा रहे कानून पर उन्होंने भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हम कानून की हिमायत करेंगे, लेकिन सबसे पहले भाजपा में मौजूद उन दो नेताओं व उनके परिजनों पर कार्रवाई हो जिन्होंने गैर मजहब में शादियां की हैं।
उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि लव जिहाद सिर्फ एक जुमला है, जो समाज में नफरत फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इससे सबसे ज़्यादा नुकसान तो मुस्लिम लड़कियों का ही होता है, क्योंकि लड़के कहीं और शादी कर लेते हैं।
कहा, इस कानून की हिमायत हम इस शर्त पर करते हैं कि सबसे पहले केंद्र सरकार में बैठे दो बड़े नेताओं से इसकी शुरुआत की जाए ताकि दो मुस्लिम लड़कियों का निकाह उनसे हो सके। उन्होंने मांग की है कि जिन भाजपा नेता या उनके परिवार के लोगों ने गैर धर्म में शादियां की है उन पर कार्रवाई हो।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में लव जिहाद को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश के गृह विभाग ने न्याय व विधि विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। कानून बनने के बाद गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा और 5 साल की कठोरतम सजा होगी।
कानपुर, बागपत, मेरठ समेत यूपी के कई शहरों से लगातार लव जिहाद की घटनाएं सामने आई है जिसके बाद मुख्यमंत्री ने गृह विभाग से समीक्षा रिपोर्ट मांगी थी। विधि विभाग की समीक्षा के बाद प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
यूपी के लॉ कमीशन चीफ जस्टिस आदित्य नाथ मित्तल ने बताया कि आयोग ने 2019 में ही ड्राफ्ट सौंप दिया था लेकिन तब से इसमें तीन बार फेरबदल किया गया। ड्राफ्ट में इसके साथ ही शादी के लिए गलत नीयत से धर्म परिवर्तन या धर्म परिवर्तन के लिए की जा रही शादियां भी नए नियम में धर्मांतरण कानून के तहत आएंगी।
ड्राफ्ट में कड़े कानून की अनुशंसा की गई
वहीं अगर कोई किसी को धर्म परिवर्तन करने के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देता है, तो वो भी इस नए कानून के दायरे में आएगा। लॉ कमीशन के इस नए ड्राफ्ट में कड़े कानून की अनुशंसा की गई है।
धर्मांतरण के मामले में अगर माता-पिता, भाई-बहन या अन्य ब्लड रिलेशन से कोई शिकायत करता है तो उनकी शिकायत पर कार्रवाई की शुरुआत की जा सकती है। लॉ कमीशन ने अपनी सिफारिश में धर्मांतरण के लिए दोषी पाए जाने पर एक साल से लेकर पांच साल तक की सजा का प्रावधान किया है।