आरक्षण पर संघ के बयान से मिला नीतीश-लालू को मुद्दा: मुलायम
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि बिहार के माहौल से लग रहा था कि भाजपा चुनाव जीत रही है, लेकिन आरक्षण पर संघ प्रमुख के बयान से उसे कुछ नुकसान हुआ है। इससे नीतीश और लालू प्रसाद को मुद्दा मिल गया।
मुलायम सोमवार को लोहिया पार्क में डॉ. राम मनोहर लोहिया को उनकी 49वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। दो दिन पहले बिहार में चुनावी सभा करके लौटे मुलायम ने इशारों ही इशारों में बिहार चुनाव को लेकर अपना आकलन बता दिया।
माहौल के आधार पर भाजपा की बढ़त की बात कही, लेकिन आरक्षण की समीक्षा को लेकर मोहन भागवत के बयान से स्थिति में कुछ बदलाव होने का संकेत भी दिया।
कहा कि इस बयान के बाद लालू, नीतीश के कई विरोधी भी उनके समर्थन में आ गए, कट्टर विरोधी थोड़ा नरम पड़ गए। उन्होंने कहा, बिहार में विकास नहीं हो सका, इसलिए सपा भी चाहती थी कि वहां बदलाव हो।
गैर कांग्रेसवाद पर साथ थे लोहिया-दीनदयाल
सपा मुखिया ने कहा, डॉ. लोहिया और जनसंघ के अध्यक्ष रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय में समझौता हुआ था। जयपुर अधिवेशन में लोहिया ने गैर कांग्रेसवाद का नारा दिया था। बाद में दीनदयाल इससे सहमत हुए।
कलकत्ता अधिवेशन में जॉर्ज फर्नांडिज ने डॉ. लोहिया पर निशाना साधते हुए कहा था कि वे 1942 और 1947 वाले लोहिया नहीं रहे, वे जनसंघ के समर्थन से जीतकर आए हैं। उस समय डॉ. लोहिया ने जवाब दिया था कि सीमा पर कब्जे, महंगाई और भ्रष्टाचार के लिए जनसंघ जिम्मेदार नहीं है। ये सब कांग्रेस की देन हैं।
सभी दलों में कुछ लोग सही बात कहने वाले
मुलायम ने कहा कि सभी दलों में कुछ लोग सही बात कहने वाले होते हैं। दादरी कांड का जिक्र करते हुए बोले, कुछ दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बात करने और सांप्रदायिक ताकतों को कुचलने की बात कही थी।
उसी दिन प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति से मिलने चले गए। राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर जो कुछ कहा, प्रधानमंत्री ने उसका समर्थन किया। गृहमंत्री ने भी वही बात कही।
एक-दूसरे की हिफाजत करें हिंदू-मुसलमान
सपा मुखिया ने कहा कि कांग्रेस के नेता सपा सरकार की आलोचना करते हैं। वह कभी चैलेंज नहीं करते, घमंड में नहीं बोलते लेकिन यूपी में आम जनता के लिए जितने काम हुए हैं, उतने किसी और राज्य में नहीं हुए।
पढ़ाई, दवाई मुफ्त है, किडनी और हार्ट की बीमारियों का मुफ्त इलाज है। भाजपा के मंत्री भी मानते हैं कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण ऐतिहासिक काम है। दो-तीन महीने से जनता महसूस कर रही है कि प्रदेश में काम हो रहा है।
हिंदू-मुस्लिम बनें एक-दूसरे के मददगार
मुलायम ने कहा कि बिसाहड़ा में मुस्लिम लड़कियों की शादी में हिंदू उमड़ पड़े। वे लगातार गांव के लोगों के संपर्क में थे, उनसे टेलीफोन पर बात की। कहा कि तनाव मत होने देना। इसका असर हुआ।
जहां कम मुसलमान हों वहां हिंदुओं को उनकी हिफाजत करनी चाहिए और जहां हिंदू कम हैं, वहां यही काम मुसलमानों को करना चाहिए, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान क्यों न खतरे में डालनी पड़े। जब यह रिश्ता चलेगा, तभी एकता होगी, देश का विकास होगा।
पंडित नेहरू भी मानते थे लोहिया का लोहा
मुलायम ने कहा कि डॉ. लोहिया के विचारों का लोहा पंडित जवाहर लाल नेहरू भी मानते थे। तब लोहिया ने लोकसभा में कहा था कि देश के 27 करोड़ लोग रोजाना तीन आने में गुजारा करते हैं और प्रधानमंत्री 25 हजार रुपये रोज खर्च करते हैं। पहले नेहरू और वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने उनकी बात को गलत बताया लेकिन बाद में उनके तर्कों के आगे झुकना पड़ा।
सांप्रदायिकता बड़ा खतरा : अहमद हसन
स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने सांप्रदायिकता को बड़ा खतरा बताते हुए कहा, पूरा देश मुलायम सिंह की तरफ देख रहा है। पूर्व मंत्री शतरुद्र प्रकाश ने कट्टरता को बड़ी चुनौती बताया और वैश्वीकरण के दौर में गांव की अस्मिता, खेती पर खतरे और कारीगरों के रोजगार छिनने की तरफ ध्यान खींचा।
विधान परिषद सदस्य मधु गुप्ता ने कहा कि सपा ने तीन साल में सारे वादे पूरे कर दिए हैं। 2017 में भी सपा की सरकार आएगी। अरुण सिंह ने सांप्रदायिकता से लड़ने पर जोर दिया।
नेताजी, कुछ लोग पार्टी को खा रहे हैं, उन्हें सजा दो
सपा नेता बाबर खां ने सपा मुखिया से कहा कि कुछ लोग पार्टी को खा रहे हैं, बदनाम कर रहे हैं। ऐसे लोगों को सजा दे दो, कुछ चेहरे बदल दो, यूपी में 250 सीटें आ जाएंगी। वोट नेताजी (मुलायम) के नाम पर मिला है। एमपी, एमएलए इस गलतफहमी में न रहें कि वे अपनी शख्सियत पर चुनाव जीते हैं।