'मोबाइल बड़ा खतरनाक, हर फोन होता है टेप'
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निलंबित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर का फोन टेप करना, सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को खल गया है। मुलायम सिंह ने शनिवार को यहां कहा कि मोबाइल बड़ा खतरनाक है। इससे बड़ी बदतमीजियां हो रही हैं। हमने मोबाइल पर बात करना ही बंद कर दिया है।
मुलायम सिंह ने सपा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण का जिक्र किया तो कंप्यूटर और मोबाइल पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि आजकल कंप्यूटर पर कामकाज बढ़ा लेकिन मोबाइल भी टेप होने लगे। यह एक बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने अमिताभ ठाकुर का नाम लिए बिना कहा कि एक बार उन्होंने एक को समझाने के लिए फोन किया तो उसने टेप कर लिया। कंप्यूटर-मोबाइल बड़ा खतरनाक है।
मुलायम ने उपस्थित लोगों को सुझाव दिया कि बहुत जरूरी न हो तो मोबाइल पर बात न करें। हां, फील्ड में हों, बहुत जरूरी हो, तो अलग बात है। अब तो हर बात टेप होती है, इसलिए सोच-समझ कर मोबाइल पर बात करना चाहिए। मुलायम सिंह ने कहा कि मैं तो अब पीएनटी फोन पर ही बात करता हूं।
तब मैंने निर्देश दिया था-भीख मांगने वालों को पकड़कर नौकरी दीजिए
मुलायम सिंह ने कहा- जब मैं यूपी का मुख्यमंत्री था तो सख्त निर्देश दिया था कि भीख मांगने वाले को पकड़कर नौकरी दीजिए। भीख मांगने वाला नहीं दिखना चाहिए। नतीजा ये हुआ कि यूपी में भिखारी बहुत कम रह गए। लेकिन दिल्ली में भिखारी बहुत ज्यादा है। गाड़ी रुकते ही पहुंच जाते हैं। पता नहीं वहां की सरकार क्या कर रही है? प्रधानमंत्री न जाने क्या कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि भीख मांगना कुछ लोगों की आदत होती है। सरकार को इसे खत्म करना चाहिए।
सीएम को जितनी पावर उतनी पीएम को भी नहीं
सपा मुखिया ने कहा कि अनाथों के बारे में इतने बड़े-बड़े लोग चर्चा के लिए जुटे हैं इसलिए इनकी समस्याओं का समाधान आज ही निकलना चाहिए। सरकार को क्या कमी है? कितने हजार करोड़ का बजट है? 10 करोड़ ही खर्च कर दें।
ऐसा अनाथालय बनवाया जाना चाहिए कि वहां ठहरने, पढ़ाई-लिखाई-दवाई के साथ रोजगार का भी इंतजाम हो। अनाथों पर समझदारों के बीच चर्चा हुई है तो इसका समाधान भी निकलना चाहिए। सीएम की जितनी ताकत है, उतनी पीएम की भी नहीं। मैं रक्षामंत्री रह चुका हूं। प्रधानमंत्री सीधे किसी को निर्देशित भी नहीं कर सकते।
मुख्यमंत्री सब कुछ कर सकता है। देखो क्या सुविधा दे सकते हो। सांसदों, विधायकों, मंत्रियों व विपक्षी दलों के नेताओं से बात करो। जरूरत समझो तो मुझे भी बुला लो। हम भी सुझाव दे देंगे। लेकिन निर्णय में देर नहीं होना चाहिए। कल-परसों की बात हुई तो देर हो जाएगी।
नेता, अफसर काम कर रहे होते तो भिखारी न होते
सपा मुखिया ने कहा-भिखारियों को रोजगार देने पर फैसला होना चाहिए। मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और सभी राजनीतिक दलों से बात करनी चाहिए। यदि नेता और अधिकारी अपने क्षेत्र में काम कर रहे होते तो एक भी भिखारी नहीं होता।
उन्होंने कहा कि समाजवादियों ने गैर बराबरी को लेकर बड़ी लड़ाई लड़ी है। पर, जात-पांत, गरीबी-अमीरी की गैर बराबरी कम नहीं हुई है। यदि समाजवादियों ने कुछ नहीं किया तो कोई नहीं करेगा। जेपी, लोहिया, नरेंद्रदेव ने इसके बारे में लिखा है। डीएम को निर्देश दें कि वे भिखारियों की पहचान करें और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री नौजवानों को प्रशिक्षण ही नहीं दे रहे
मुलायम सिंह ने कहा कि सपा में नौजवानों की भरमार है लेकिन उन्हें लोहिया, जेपी और नरेंद्रदेव की नीतियों का प्रशिक्षण ही नहीं दिया जा रहा है। यादव ने कहा कि वह देहरादून, चित्रकूट जैसे स्थानों पर युवाओं के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया करते थे लेकिन अब प्रशिक्षण ही नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री ने भी मंच से मुलायम की बात पर सहमति के अंदाज में सिर हिलाया।