मुलायम बोले, 'सच-सच बताओ, कितने विधायक जिताओगे'
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को वेस्ट यूपी के जिलाध्यक्षों के पेंच कसे। उनसे पूछा कि 2017 में कितने विधायक जिताओगे? उन्हें अभी से चुनाव की तैयारी में जुटने और सरकार के कामकाज को जनता के बीच पहुंचाने के निदेश दिए। कहा कि उन्हें मालूम है कि कौन अध्यक्ष क्या कर रहा है?
मुलायम सिंह ने सोमवार को सपा मुख्यालय में मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली के जिला व शहर अध्यक्षों तथा महासचिवों के साथ बैठक की। इन मंडलों में 18 जिले आते हैं। चार जिलाध्यक्ष पंचायत चुनाव की मतगणना के कारण आ नहीं सके। उनके जिलों से केवल महासचिव आए थे। उन्होंने हर जिले के अध्यक्ष या महासचिव को बोलने का मौका दिया। तसल्ली से उनकी बात सुनी।
उन्होंने अध्यक्षों से कहा कि वे यह बताएं कि वर्तमान में उनके जिले में सपा के कितने विधायक हैं, 2017 के चुनाव में कितने जिताएंगे। उनके सामने क्या दिक्कतें हैं और कैसे और मजबूती से चुनाव लड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा, सभी जानकारियां सच-सच दें। अपनी कमजोरी और मजबूती दोनों का पता होना चाहिए। सच को छिपाकर पार्टी को मजबूत नहीं किया जा सकता।
बढ़ा-चढ़ा कर दावे किए तो टोका
सपा मुखिया ने उन्हें बताया कि कितने संघर्ष से पार्टी बनी है। समाजवादी पार्टी पर सभी की नजर लगी हुई है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी मालूम है कि कौन जिलाध्यक्ष क्या कर रहा हैं। उनके पास सभी की रिपोर्ट है। जो गलतियां कर रहे हैं वे सुधर जाएंगे। उनकी जानकारी में हैं कि कुछ जिलाध्यक्षों को सरकार के कामकाज और योजनाओं से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां बताईं।
कहा, सरकार ने बहुत काम किया है। ये सब जनता को मालूम होना चाहिए। पार्टी के पदाधिकारी कमजोर लोगों के साथ खड़े हों। उनमें भरोसा पैदा करें। जिलाध्यक्षों या महासचिवों ने अपने-अपने जिले की रिपोर्ट रखी। उन्होंने 2017 में बेतहर नतीजों की उम्मीद जताई। बढ़ा-चढ़ाकर दावा करने वाले एक-दो जिलाध्यक्षों को उन्होंने टोका भी।
ज्यादा से ज्यादा जिला पंचायत अध्यक्ष जिताओ
सपा मुखिया ने जिलाध्यक्षों से पूछा कि उनके जिलों में कितने जिला पंचायत सदस्य जीते हैं। गाजियाबाद के जिलाध्यक्ष ने आधी सीट मिलने की जानकारी दी। हापुड़, बुलंदशहर बरेली समेत कई जिलों के अध्यक्षों या महासचिवों ने कहा कि उनके यहां संतोषजनक नतीजे रहे हैं। निर्दलीय भी चुने गए भाजपा जिला पंचायत भी उनके संपर्क में हैं।
उन्होंने अपने जिलों में सपा के जिला पंचायत अध्यक्ष चुने जाने का भरोसा जताया। मुलायम सिंह ने कहा कि जो भी प्रत्याशी बनाया जाए उसे जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित करने में सभी जिलाध्यक्ष सहयोग करें।
न अफसर सुनते और न मंत्री, विधायक
भीड़ कम थी और नेताजी बात सुन रहे थे, इसलिए जिलाध्यक्षों ने अपनी पीड़ा खूब बयां की। उन्होंने कहा कि जिले में अफसर नहीं सुनते और पार्टी में विधायक और मंत्री संगठन से तालमेल नहीं रखते। ऐसे में कैसे संगठन मजबूत हो। कई अध्यक्षों ने नाम लेकर अफसरों की शिकायत की। एक अध्यक्ष वे अपने जिले के पुलिस कप्तान पर गंभीर आरोप लगाए। मुलायम सिंह ने ऐसे सभी अफसरों के खिलाफ लिखित में शिकायत मांगी उनकी जायज बातों को नहीं सुनते हैं।
मनोनीत पार्षदों के वार्ड में 1 और 7 वोट मिले
एक महानगर अध्यक्ष ने कहा, नेताजी, नगर निगम में 10 पार्षद मनोनीत हुए थे। संगठन से कोई राय नहीं ली गई। लोकसभा चुनाव में एक मनोनीत पार्षद के बूथ से एक वोट मिला और एक पार्षद के बूथ से मात्र सात। ऐसे में कैसे विधायक जिता सकते हैं ? सपा मुखिया ने उनसे यह सब लिखकर दो। उन्होंने महत्वपूर्ण मामलों में संगठन की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया।
नहीं रहे तल्ख तेवर, अध्यक्षों ने ली राहत
सपा मुखिया के तेवर सोमवार को ज्यादा तल्ख नहीं रहे। इससे अध्यक्षों ने राहत महसूस की। कई अध्यक्षों ने बताया कि पिछली बैठक के विपरीत नेताजी कम बोले और उनकी बात ज्यादा सुनी। भीड़ भी कम थी, इसलिए अध्यक्षों ने बेबाकी से राय रखी। नेताजी ने सरकार के कामकाज और मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर अंगुलि नहीं उठाई।
पिछली बैठक में उनके तेवर बेहद तल्ख थे। तब उन्होंने कहा था कि यदि चुनाव हो जाएं तो अधिकतर मंत्री और विधायक चुनाव हार जाएंगे। उन्हें सरकार के कामकाज की तारीफ करने वालों को चापलूस कहते हुए फटकार लगाई थी। सोमवार को सरकार के प्रति उनका रुख सकारात्मक रहा।