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राज्यसभा चुनाव: हाईकोर्ट के फैसले से विपक्ष का गणित बिगड़ा, मुख्तार-हरिओम नहीं कर पाएंगे वोट

Thu, 22 Mar 2018 10:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 22 Mar 2018 10:11 PM IST
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mukhtar ansari will not cast his vote in rajyasabha election.
- फोटो : अमर उजाला

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी व सपा विधायक हरिओम यादव राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे। ये फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया है। जिसके बाद राज्यसभा चुनाव में विपक्ष का गणित गड़बड़ा गया है, जबकि भाजपा को फायदा होता दिख रहा है।

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हालांकि प्रत्यक्ष तौर पर भाजपा के पास अपने नौवें उम्मीदवार अनिल अग्रवाल को जिताने के लिए जरूरी 37 वोटों का आंकड़ा अभी पूरा नहीं हुआ है। बावजूद इसके भाजपा अब विपक्ष पर भारी दिख रही है। उधर, विपक्ष के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। मतदान की पूर्व संध्या पर राजधानी में दिख रहे समीकरणों को देखते हुए लगभग तय हो गया है कि चुनाव रोमांचक होगा। दसवें उम्मीदवार के भाग्य का फैसला अब वरीयता के मतों से ही होने की संभावना है।
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मुख्तार अंसारी हत्या के आरोप में व सपा विधायक हरिओम यादव राजनीतिक रंजिश के पुराने मामले में जेल में बंद हैं। मतदान 23 मार्च को होना है। बांदा जेल में बंद मुख्तार ने विशेष न्यायाधीश एससीएसटी गाजीपुर की अदालत में अर्जी दी थी, जिस पर विशेष न्यायाधीश ने उनको मतदान की इजाजत दे दी थी। राज्य सरकार की अपील पर हाईकोर्ट ने विशेष जज गाजीपुर के 20 मार्च 2018 के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
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राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति राजुल भार्गव ने कहा कि विशेष न्यायाधीश ने बिना तारीख वाले प्रार्थनापत्र पर आदेश पारित किया है। मतदान की अनुमति देते समय उन्होंने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों पर ध्यान नहीं दिया, इसलिए यह आदेश उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

प्रदेश सरकार की याचिका पर अपर शासकीय अधिवक्ता एके संड और विकास सहाय ने पक्ष रखा। शासकीय वकीलों का कहना था कि मुख्तार अंसारी हत्या के प्रयास और षड्यंत्र सहित कई मामलों में जेल में बंद हैं। उसने बांदा जेल अधीक्षक के मार्फत विशेष जज एससीएसटी की अदालत में अर्जी दी थी, जिसमें 23 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में मतदान की अनुमति मांगी गई थी। विशेष न्यायाधीश ने अर्जी स्वीकार करते हुए मतदान की इजाजत दे दी।

राज्य सरकार को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका, आदेश एकपक्षीय

mukhtar ansari will not cast his vote in rajyasabha election.

आदेश पारित करते समय राज्य सरकार को पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। आदेश एकपक्षीय है और इससे पहले भी मुख्तार को इस प्रकार की अनुमति दी जा चुकी है, जबकि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 62(5) के अनुसार जेल में बंद व्यक्ति को मतदान की अनुमति नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने मतदान करने के आदेश पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई के लिए नौ अप्रैल की तिथि नियत की है।

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