फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Mukhtar Ansari Died Mukhtar had spread terror in Lucknow too there was indiscriminate firing

Mukhtar Ansari: राजधानी में भी मुख्तार ने फैलाई थी दहशत... ताबड़तोड़ हुई थी फायरिंग; इस गिरोह से हुआ था सामना

Fri, 29 Mar 2024 08:25 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 29 Mar 2024 08:25 AM IST
सार

यूपी की राजधानी में भी मुख्तार अंसारी ने दहशत फैलाई थी। उस दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। साल 2004 में कैंट इलाके मुख्तार अंसारी और कृष्णानंद राय के गिरोह आमने-सामने हुए थे।

विज्ञापन
Mukhtar Ansari Died Mukhtar had spread terror in Lucknow too there was indiscriminate firing
मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माफिया मुख्तार अंसारी ने राजधानी लखनऊ में भी खूब दहशत फैलाई थी। वर्ष 2004 में कैंट इलाके में मुख्तार और कृष्णानंद के गिरोह आमने-सामने हो गए थे। दोनों के बीच जमकर गोलियां चली थीं। हालांकि उसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। इसके अलावा भी राजधानी में मुख्तार ने शत्रु संपत्ति कब्जाने से लेकर कई और आपराधिक मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन


दरअसल मुख्तार अंसारी और कृष्णानंद राय के बीच गहरी दुश्मनी थी। साल 2004 में कैंट के कटाई पुल के पास से एक दूसरे के काफिले गुजर रहे थे। एक दूसरे पर नजर पड़ने के बाद गोलियां चलने लगी थीं। 
विज्ञापन


मामले में दोनों तरफ से एफआईआर भी दर्ज की गई थीं। मामले में मुख्तार की दहशत इस कदर थी कि केस के विवेचक उसके बयान दर्ज कराने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे थे। विधायक निवास पर सुरक्षा बल के साथ विवेचक ने बयान दर्ज किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


हजरतगंज से लगा था गैंगस्टर, हुई थी सजा
मुख्तार अंसारी पर लखनऊ में कुल आठ केस दर्ज हैं। डालीबाग में शत्रु संपत्ति कब्जाने के मामले के अलावा वर्ष 1999 में राजधानी में ही जेलर व डिप्टी जेलर पर हुए पथराव में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हुए थे। वर्ष 2003 में धमकी देने के मामले के अलावा हजरतगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। वर्ष 2022 में इस केस में उसको सजा भी सुनाई गई थी।

मुख्तार का गुर्गा जुगनू
आलमबाग इलाके का रहने वाला जुगनू वालिया मुख्तार का बेहद करीबी गुर्गा है। व्यापारियों से उगाही में उसका कई बार नाम आया। वह मुख्तार के नाम पर दहशत फैलाकर वसूली करता था। कारोबारी जसविंदर सिंह की हत्याकांड में जुगनू जेल में है। जुगनू मुख्तार से मिलने कोर्ट जाता रहता था।
 

हार्ट अटैक से माफिया मुख्तार अंसारी की मौत
करीब ढाई साल से बांदा जेल में बंद पूरब के माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात हार्ट अटैक (कार्डिया अरेस्ट) से मौत हो गई। मुख्तार को मौत से करीब तीन घंटे पहले ही इलाज के लिए मंडलीय कारागार से मेडिकल कॉलेज लाया गया था। जहां नौ डॉक्टरों की टीम उसके इलाज में जुटी थी। रात करीब साढ़े दस प्रशासन ने मुख्तार की मौत की सूचना सार्वजनिक की। तब तक मुख्तार के परिवार का कोई सदस्य मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचा था।

 

गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे मुख्तार की जेल में तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद प्रशासन के अधिकारी मौतके पर पहुंचे और करीब साढ़े आठ बजे के आसपास उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया था। जहां दो घंटे तक उसका इलाज चला। उसे आईसीयू से सीसीयू में शिफ्ट किया गया। जहां रात साढ़े दस बजे के आसपास उसकी मौत हो गई।

 

तीन दिनों से बीमार चल रहे जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की तबीयत बृहस्पतिवार रात अचानक फिर बिगड़ गई। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी अंकुर अग्रवाल कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मंडलीय कारागार पहुंचे। करीब 40 मिनट तक अधिकारी जेल के भीतर रहे। इसके बाद मुख्तार को एंबुलेंस से दोबारा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बताया जा रहा है कि मुख्तार को दिल का दौरा पड़ा है। रात में अस्पताल में उसका निधन हो गया।
 

दो दिन पहले 26 मार्च को मुख्तार ने जेल प्रशासन से पेट में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने ज्यादा खाने (ओवरईटिंग) व कब्ज का इलाज किया गया और 14 घंटे बाद उसी दिन देर शाम उसे वापस मंडलीय कारागार भेज दिया गया था। इधर, गुरुवार शाम साढ़े सात बजे के आसपास अचानक मुख्तार की तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने आनन-फानन उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।

मुख्तार के स्थानीय अधिवक्ता नसीम हैदर ने बताया कि मुख्तार को हार्ट अटैक पड़ने की आशंका है। प्रशासन उन्हें मुख्तार से मिलने नहीं दे रहा है। मुख्तार का परिवार भी बांदा के लिए लखनऊ से चल चुका है। इधर हालात बिगड़ने न पाए, इसके लिए जिले भर की पुलिस फोर्स को अलर्ट कर दिया गया है। जेल के भीतर भी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। देर रात तक डीएम और एसपी भी मेडिकल कॉलेज में मौजूद रहे और मुख्तार के सेहत की पल-पल की खबर लेते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed