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UP GIS 2023: लाइट खुद बताएगी, मैं काम नहीं कर पा रही हूं, नीदरलैंड की कंपनी कर रही काम
Sat, 11 Feb 2023 02:07 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 11 Feb 2023 02:07 PM IST
सार
यूपी सरकार और नीदरलैंड की कंपनियों के बीच प्रदेश में निवेश को लेकर कई एमओयू साइन हुए हैं। शनिवार को ग्लोबल इंवेस्टर समिट में इस पर मंथन हुआ।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
एलईडी लाइटिंग और पोललाइट अब खुद बोल कर बताएगी कि मैं काम नहीं कर पा रही हूं और मुझ में खराबी हो गई है। लाइटें आपस में बातचीत भी करेंगी। नीदरलैंड आधारित सिग्नीफाई सिग्नीफायर कंपनी उत्तर प्रदेश में लखनऊ से इस प्रोजेक्ट की शुरुआत कर रही है।
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शनिवार को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में नीदरलैंड के साथ हुए एक सत्र में इस प्रोजेक्ट पर मंथन किया गया। कंपनी के सीनियर डायरेक्टर गिरीश के. चावला ने बताया की इन दिनों इनोवेशन का जमाना है और लाइटिंग में इस पर खूब प्रयोग हो रहे हैं।
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3D लुमिनर ग्लास, एलडी बल्ब, सोलर लाइटिंग के साथ एक नया कनेक्टेड लाइटिंग सिस्टम विकसित हो रहा है। कनेक्टेड लाइटिंग सिस्टम की खासियत यह है कि इसमें लाइटें एक दूसरे से बात करती हैं। यह भी बताती है कि उन्होंने कितनी बिजली खर्च की है । यह इनडोर और आउटडोर दोनों तरह से काम होता है। आउटडोर में यदि आपस में कनेक्ट किए गए किसी भी पॉइंट पर कोई लाइट काम नहीं कर रही है या खराब हो रही है तो वह खुद ही मैसेज करती है कि मुझ में यह कमी आ गई है। मेरा ड्राइवर खराब हो गया है या कोई और कारण है। इसमें हर लुमिनर में एक सिम कार्ड लगा होता है और इसको सिंगल मॉनिटरिंग कंट्रोल सेंटर के जरिए कंट्रोल किया जाता है।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ पीजीसीआईएल पावर ग्रिड से इसकी शुरुआत हो रही है। उन्होंने बताया कि यह एक रिमोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम है जो घर में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। लाइट की रोशनी एवं ऊर्जा खपत को अपने हिसाब से कंट्रोल किया जा सकता है। कोशिश है कि पूरे उत्तर प्रदेश में इस सिस्टम पर काम हो।