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NBICU: न्यू बॉर्न इंटेसिव केयर यूनिट में बच्चे के साथ मां के रहने की भी होगी व्यवस्था, ये किए जाएंगे बदलाव

Thu, 28 Jul 2022 12:31 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 28 Jul 2022 12:31 PM IST
सार

न्यू बॉर्न इंटेसिव केयर यूनिट में मां के स्पर्श से बच्चे की सेहत सुधरेगी। अब एनबीआईसीयू में बच्चे के साथ उसकी मां भी रह सकेगी।

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Mother will be allowed to live with her child in NBICU.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के न्यू बॉर्न इंटेसिव केयर यूनिट (एनबीआईसीयू) में अब बच्चों के साथ मां भी रह सकेंगी। इसके लिए इंतजाम किया जा रहा है। इसके पीछे तर्क है कि मां के साथ रहने से बच्चे को स्तनपान की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही मां के स्पर्श से बच्चे की सेहत में जल्द सुधार होगा।

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प्रदेश में अभी 77 एनबीआईसीयू चल रही हैं। यहां मां के लिए यूनिट के आसपास व्यवस्था बनाई जा रही है। जबकि नई बनने वाली यूनिट में बच्चे के बेड के बगल में ही मां के लिए भी बेड का इंतजाम किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने अपने नए प्रोजेक्ट में इसे शामिल कर लिया है। अब अस्पतालों में बनने वाली एनबीआईसीयू में नई डिजाइन के अनुसार ही जगह तय करने का निर्देश दिया गया है। एनएचएम के महाप्रबंधक बाल स्वास्थ्य डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि अभी तक जन्म के बाद बच्चे की तबीयत खराब होने पर एनबीआईसीयू में रखा जाता है। ऐसे में कई बार मां घर चली जाती हैं। इससे बच्चे स्तनपान नहीं कर पाते हैं। जबकि बच्चे की सेहत के लिए स्तनपान बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखकर व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
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जन्म के घंटेभर में स्तनपान की दर 23.9 फीसदी
प्रदेश में जन्म के घंटेभर के अंदर शत प्रतिशत स्तनपान कराने का नियम है, लेकिन विभिन्न कारणों से अभी तक सिर्फ 23.9 फीसदी बच्चों को ही स्तनपान की सुविधा मिल पाती है। इसी तरह छह माह तक नियमित स्तनपान की दर 59.7 फीसदी है। डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि नई व्यवस्था के बाद बच्चों को स्तनपान कराने की दर में इजाफा होगा। प्रदेश में हर साल करीब 5382299 शिशुओं का जन्म होता है। इसमें से पांच साल के अंदर करीब 282934 बच्चों की मृत्यु हो जाती है। यदि सभी बच्चों को एक घंटे के अंदर स्तनपान की सुविधा मिलने लगे तो मृत्युदर में भी तेजी से गिरावट आएगी।

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