सऊदी अरब से लखनऊ लाया गया ‘मोस्ट वांटेड’
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आठ साल तक सऊदी अरब की जेल में रहने के बाद अब्दुल अजीज उर्फ गिद्दा को सऊदी अरब ने भारत को प्रत्यर्पित कर दिया। हैदराबाद में फर्जी पासपोर्ट कांड में ‘मोस्ट वांटेड’ गिद्दा को पहले लखनऊ लाया गया।
इसके बाद यूपी एटीएस की मदद से तेलंगाना पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उसे अपने साथ ले गई। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने आला अफसरों को सऊदी अरब से गिद्दा को डिपोर्ट कर लखनऊ लाए जाने की सूचना दी।
उसकी सूचना पर तेलंगाना पुलिस का एक दल भी यहां पहुंचा था। वहीं, लखनऊ पुलिस व एटीएस भी अमौसी एयरपोर्ट पर मौजूद थी। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सऊदी पुलिस गिद्दा को पुलिस के हवाले कर वापस लौट गई।
इस बीच, तेलंगाना पुलिस ने यूपी एटीएस व स्थानीय पुलिस की मदद से गिद्दा का ट्रांजिट वारंट हासिल कर लिया और हैदराबाद रवाना हो गई। 2001 में गिद्दा बेल्जियम पिस्टल और आपत्तिजनक दस्तावेज के साथ हैदराबाद में गिरफ्तार हो चुका है। इसके बाद फर्जी पासपोर्ट से ही यह सउदी अरब भाग गया था जहां गिरफ्तार हो गया।
लश्कर के लिए काम करने का भी शक
सूत्रों के अनुसार हैदराबाद का फर्जी पासपोर्ट मामला आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है। माना जा रहा है कि गिद्दा आतंकियों को फर्जी पासपोर्ट मुहैया कराता था।
इस मामले में जब गिद्दा की तलाश शुरू हुई तो वह सऊदी अरब भाग गया था। वहां गिरफ्तारी के बाद 8 साल जेल में रहा। जब सऊदी पुलिस को पता चला कि वह भारत में तेलंगाना पुलिस का वांछित अपराधी है तो उसे यहां डिपोर्ट किया गया।
जानकारों का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर उसे किसी अन्य स्थान के बजाय लखनऊ लाया गया था।