फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   More than 30 percent teachers have not taken charge

30 फीसदी से ज्यादा ने शिक्षकों ने नहीं संभाला पदभार, ये है कारण

Mon, 09 Dec 2019 02:03 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Mon, 09 Dec 2019 02:03 PM IST
विज्ञापन
More than 30 percent teachers have not taken charge
प्रतीकात्मक तस्वीर

माध्यमिक शिक्षा विभाग में आनलाइन अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में स्थानांतरित किए गए 1115 शिक्षकों और 66 प्रधानाध्यापक - प्रधानाचार्यों में से 30 प्रतिशत से ज्यादा ने पांच महीने बाद भी नई जगह पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।

विज्ञापन


इस वर्ष मई में जारी माध्यमिक शिक्षा विभाग की तबादला नीति में संवर्ग की संख्या का 20 प्रतिशत आनलाइन तबादला करना तय किया गया था। तबादले के लिए 1115 प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों ने आवेदन किया था। इसमें से 990 का तबादला किया गया था। 102 प्रधानाध्यापकों और प्रधानाचार्यों ने तबादले के लिए आनलाइन आवेदन किया था, इसमें से 66 का तबादला किया गया था। इस प्रकार विभाग में कुल 1056 शिक्षकों के आनलाइन तबादले किए गए थे।
विज्ञापन


पांच महीने बीतने के बाद भी तीन सौ से अधिक सहायक अध्यापक, प्रवक्ता और प्रधानाचार्यों ने पदभार ग्रहण नहीं किया है। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय का कहना है कि शिक्षकों ने आनलाइन तबादले में जो पहला और दूसरा विकल्प दिया था, वह उन्हें नहीं मिला है। तीसरा, चौथा विकल्प मिलने के कारण शिक्षक और प्रधानाध्यापक मौजूदा स्कूल छोड़कर नहीं जाना चाहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

यह भी है कारण

बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, सोनभद्र, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, श्रावस्ती और फतेहपुर आकांक्षी जिलों में स्थानांतरित शिक्षकों की जगह नए शिक्षक नहीं मिलने के कारण शिक्षक कार्य मुक्त नहीं हो सके। वहीं जिन स्कूलों में दो या दो से कम शिक्षक थे, वहां भी नए शिक्षक नहीं मिलने के कारण स्थानांतरित शिक्षकों कार्य मुक्त नहीं हो सके।

ऑफ लाइन वाले रहे फायदे में

माध्यमिक शिक्षा विभाग में तबादला नीति के अतिरिक्त जनहित में संवर्ग के चार प्रतिशत सीमा तक तबादला करने का अधिकार उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को दिया गया था। इसके अतिरिक्त पार्टी, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से मिली सिफारिशों पर उप मुख्यमंत्री के चार प्रतिशत कोटे में ऑफ लाइन तबादले भी बड़ी संख्या में किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक ऑफ लाइन तबादला कराने वाले सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य पसंदीदा स्कूल लेकर फायदे में रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed