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केजीएमयू में अब दोगुने से ज्यादा दिल के मरीजों को मिलेगा इलाज
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केजीएमयू में आईसीयू बेड की संख्या 84 से 180 की जा रही है। इससे यहां दिल के रोगियों का इलाज करने की क्षमता दोगुने से भी ज्यादा हो जाएगी। इसके लिए शासन ने विभिन्न मदों में 37 करोड़ का बजट मंजूर किया है। इसमें से 10 करोड़ 18 हजार 15 हजार का बजट जारी भी हो गया है। नए बेडों की संख्या को देखते हुए शिक्षकों के 10 पदों का विज्ञापन भी जारी किया है। ऐसे में इसी साल से संस्थान में मरीजों की भर्ती व एंजियोप्लास्टी करने की क्षमता दोगुने से ज्यादा हो जाएगी।
केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग की इमरजेंसी में रोजाना सौ से ज्यादा मरीज आते हैं। बेड खाली न होने पर इनमें से कई को लौटना पड़ता है। इमरजेंसी के अलावा विभाग में अभी 84 बेड हैं। सभी बेड पर आईसीयू की सुविधा भी नहीं है। इसे देखते पांच साल साल पहले विभाग के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई थी। लारी कॉर्डियोलॉजी के पीछे 10 मंजिल का नया भवन तैयार हो गया है। इसमें छह मंजिल पर मरीजों की भर्ती, इलाज देने के साथ प्रशासनिक भवन होंगे। नीचे की चार मंजिल पर मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा रहेगी।
केजीएमयू के बाद सिर्फ निजी अस्पतालों का सहारा
दिल के मरीजों का इलाज करने के लिए संस्थान केजीएमयू, एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान में ही जरूरी सुविधाएं हैं। किसी सरकारी अस्पताल में एंजियोप्लास्टी तक की सुविधा नहीं है। तीनों संस्थानों में सबसे ज्यादा बेड केजीएयमू में ही हैं। इसके अलावा अन्य संस्थानों में भर्ती होना हर किसी के बस की बात नहीं है। ऐसे में मरीजों के पास निजी संस्थानों के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है।
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इनकी मिली स्वीकृति
उपकरण- संख्या
कैथ लैब- 02
थ्रीडी ईको कॉर्डियोग्राफी मशीन- 06
बेड साइड मॉनीटर विद नर्सिंग स्टेशन- 96
टेंपरेरी पेसिंग पेसमेकर- 25
सिरिंज इंफ्यूजन पंप- 200
वेंटिलेटर- 04
सी-आर्म मशीन- 01
मल्टीचैनल ईसीजी मशीन- 10
ऑटोमेटिक चेस्ट कंप्रेसर फॉर कॉर्डियक मसाज- 02
डीफ्रिलेटर विद एक्सटर्नल पेसिंग फैसिलिटी- 12
नॉन इनवेसिव वेंटिलेटर- 12
ओसीटी मशीन- 01
टीएमटी मशीन- 02
विस्तार की योजना पर हो रहा काम
लारी कॉर्डियोलॉजी के विस्तार की योजना पर काम हो रहा है। शिक्षकों के 10 अतिरिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है। उपकरण के लिए बजट मिलने के बाद जल्द नया भवन शुरू हो जाएगा। विभाग में 96 अतिरिक्त आईसीयू बेड जुड़कर कुल क्षमता 180 बेड की जाएगी।
- डॉ. अक्षय प्रधान, मीडिया प्रभारी, लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग
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केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग की इमरजेंसी में रोजाना सौ से ज्यादा मरीज आते हैं। बेड खाली न होने पर इनमें से कई को लौटना पड़ता है। इमरजेंसी के अलावा विभाग में अभी 84 बेड हैं। सभी बेड पर आईसीयू की सुविधा भी नहीं है। इसे देखते पांच साल साल पहले विभाग के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई थी। लारी कॉर्डियोलॉजी के पीछे 10 मंजिल का नया भवन तैयार हो गया है। इसमें छह मंजिल पर मरीजों की भर्ती, इलाज देने के साथ प्रशासनिक भवन होंगे। नीचे की चार मंजिल पर मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा रहेगी।
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केजीएमयू के बाद सिर्फ निजी अस्पतालों का सहारा
दिल के मरीजों का इलाज करने के लिए संस्थान केजीएमयू, एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान में ही जरूरी सुविधाएं हैं। किसी सरकारी अस्पताल में एंजियोप्लास्टी तक की सुविधा नहीं है। तीनों संस्थानों में सबसे ज्यादा बेड केजीएयमू में ही हैं। इसके अलावा अन्य संस्थानों में भर्ती होना हर किसी के बस की बात नहीं है। ऐसे में मरीजों के पास निजी संस्थानों के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है।
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इनकी मिली स्वीकृति
उपकरण- संख्या
कैथ लैब- 02
थ्रीडी ईको कॉर्डियोग्राफी मशीन- 06
बेड साइड मॉनीटर विद नर्सिंग स्टेशन- 96
टेंपरेरी पेसिंग पेसमेकर- 25
सिरिंज इंफ्यूजन पंप- 200
वेंटिलेटर- 04
सी-आर्म मशीन- 01
मल्टीचैनल ईसीजी मशीन- 10
ऑटोमेटिक चेस्ट कंप्रेसर फॉर कॉर्डियक मसाज- 02
डीफ्रिलेटर विद एक्सटर्नल पेसिंग फैसिलिटी- 12
नॉन इनवेसिव वेंटिलेटर- 12
ओसीटी मशीन- 01
टीएमटी मशीन- 02
विस्तार की योजना पर हो रहा काम
लारी कॉर्डियोलॉजी के विस्तार की योजना पर काम हो रहा है। शिक्षकों के 10 अतिरिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है। उपकरण के लिए बजट मिलने के बाद जल्द नया भवन शुरू हो जाएगा। विभाग में 96 अतिरिक्त आईसीयू बेड जुड़कर कुल क्षमता 180 बेड की जाएगी।
- डॉ. अक्षय प्रधान, मीडिया प्रभारी, लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग