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मोदी के कड़े प्रहार, एजेंडे को दी और धार
अखिलेश वाजपेयी/लखनऊ
Updated Fri, 22 Nov 2013 02:02 AM IST
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कानपुर से शुरू हुई मोदी की रैलियों की यात्रा आगरा में पहुंचकर और आक्रामक हो गई।
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कट्टरवादी छवि से दूरी बनाए रखने की सावधानी मोदी ने आगरा में भी बरती।
हालांकि कांग्रेस, सपा और बसपा पर उनके प्रहार की गति तेज हो गई। कानपुर में बसपा को बख्शने वाले मोदी झांसी में इस पार्टी पर भी बोले थे।
बहराइच में उनका मुख्य हमला कांग्रेस और सपा पर ही फोकस रहा था, पर आगरा में उन्होंने तीनों ही दलों पर हमला बोला।
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वह भी इस तरह कि कांग्रेस, सपा और बसपा को जनविरोधी ठहराने के भाजपा के एजेंडे को और अधिक धार मिल जाए।
कहा कि ये सभी दल बांटते हैं जबकि भाजपा लोगों को जोड़ती है। उन्होंने सपा और बसपा को कांग्रेस के पाप का परिणाम बताया।
कहा, ‘कांग्रेस ने देश बांटा और ये दल समाज को बांट रहे हैं। वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। इनकी नीति बांटो और राज करो की है।’
मोदी ने विकास के एजेंडे पर भी इन दलों के नेताओं, नीतियों और कार्यक्रमों की बखिया उधेड़ने में भी रियायत नहीं की।
कहा कि यूपी की सरकार यमुना जैसी नदी होते हुए भी आगरा के लोगों को शुद्ध पानी नहीं पिला पा रही है।
जबकि गुजरात में एक अकेली नर्मदा की बदौलत पूरे गुजरात को, यहां तक पाकिस्तान की सीमा पर तैनात जवानों तक के लिए शुद्ध पेयजल का इंतजाम करके दिखा दिया गया है।
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मोदी सिर्फ 31 मिनट ही बोले, पर उन्होंने स्थानीय मुद्दों से लेकर अन्य जरूरी बातों का उल्लेख कर भाजपा विरोधी दलों पर धारदार हमला करने में कोताही नहीं बरती।
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अयोध्या का जिक्र न मथुरा का
19 अक्तूबर को जब मोदी ने अयोध्या का जिक्र किए बगैर अपना भाषण पूरा किया था तभी साफ हो गया था कि वे विवादित मुद्दों से फिलहाल दूरी बनाकर चलने वाले हैं।
अयोध्या के बगल में बहराइच और अब मथुरा के निकट आगरा की रैली में भी मोदी ने अयोध्या, मथुरा व काशी का उल्लेख नहीं किया।
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इन मुद्दों के सहारे वोट तलाशने के बजाय उन्होंने कांग्रेस, सपा और बसपा की नीति और नीयत तथा निर्णयों पर प्रहार करके लोगों को भाजपा के साथ जोड़ने की कोशिश की।
दिल्ली वाले खा गए कोयला, कैसे मिले बिजली
मोदी ने कांग्रेस, सपा और बसपा पर भ्रष्टाचार को संरक्षण, वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा और विकास की अनदेखी का आरोप लगाया।
कहा कि बिजली इसलिए नहीं मिल पा रही है क्योंकि बिजली कारखानों के लिए जो कोयला मिलना चाहिए था, उसे दिल्ली वाले खा गए। कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ी फाइल नहीं, सरकार खो गई।
अखिलेश सरकार फिर निशाने पर
कानपुर से सपा सरकार पर शुरू हुआ मोदी का हमला आगरा में भी बरकरार रहा।
मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा,‘गुजरात में शुद्ध पेयजल के लिए हमने इतनी चौड़ी पाइप लाइन डलवाई है जिसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार से घूम सकते हैं’।
उन्होंने आगरा की उपेक्षा और ताजमहल जैसी अद्भुत धरोहर होने के बावजूद एयरपोर्ट न होने का उल्लेख कर स्थानीय लोगों की नब्ज पर भी हाथ धरने की कोशिश की।
इसमें वे कामयाब होते हुए भी दिखे। कहा कि पर्यटन विश्व का सबसे बड़ा उद्योग हो गया है, पर ताजमहल जैसी अनुपम धरोहर होते हुए भी यहां पर्यटन पर ध्यान नहीं दिया गया।
कंधे तक ही सीमित रहा भगवा
आगरा रैली में पहुंचे मोदी के बाएं कंधे पर पड़ी भगवा रंग की शॉल देखकर लोगों को उम्मीद थी कि शायद भाषा पर भी कुछ ऐसा ही रंग चढ़ा दिखाई दे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
मोदी ने कांग्रेस, सपा और बसपा पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया। कहा कि कांग्रेस ने देश को बांट दिया।
सपा और बसपा समाज को बांट रही हैं। पर, मोदी ने न तो अयोध्या, मथुरा और काशी का जिक्र किया और न मुजफ्फरनगर दंगा का।
मोदी अकेले आए
कानपुर, झांसी और बहराइच की रैलियों में मोदी व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह एक साथ आते थे, पर आगरा में अलग-अलग आए।
राजनाथ सिंह तकरीबन उस समय पहुंचे जब मोदी अपना भाषण समाप्त कर रहे थे। पिछली तीनों रैलियों में मोदी से पहले राजनाथ सिंह बोले थे, पर आगरा में राजनाथ बाद में बोले।
राजनाथ ने किया उपाध्याय व अटल का जिक्र
मोदी भूल गए या कोई अन्य वजह रही कि भाजपा के संस्थापक पं. दीनदयाल उपाध्याय और पार्टी के शीर्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली के बीच आयोजित इस रैली में उन्होंने इन दोनों का जिक्र नहीं किया।
हालांकि उनके बाद राजनाथ ने अपने भाषण में इन दोनों का उल्लेख करके इस कमी की भरपाई करने की कोशिश की।
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