'मोदी इफेक्ट' ने बदला विहिप का एजेंडा
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सरकार बदली तो विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भी अपना एजेंडा बदल दिया।
मोदी इफेक्ट के फलस्वरूप बने माहौल में उसने फिलहाल मंदिर मुद्दे पर चुप रहने का निश्चय किया है।
तय किया है कि मोदी इफेक्ट और केंद्र में भाजपा को मिले बहुमत से बने माहौल का फायदा उठाते हुए फिलहाल संगठन को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
इसकी विस्तृत कार्ययोजना पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश में संगठन के न्यासी मंडल की बैठक में बना ली गई है। इस पर 16-17 अगस्त से मुंबई से अमल शुरू हो जाएगा।
न हों वाजपेयी के कार्यकाल जैसी गलतियां
जानकारी के मुताबिक, न्यासी मंडल में शामिल लगभग सभी प्रमुख पदाधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल वाली गलतियां न दोहराई जाएं।
सरकार से समन्वय बनाकर चला जाए और कोई ऐसा काम न हो जिससे सरकार को काम करने में कठिनाई महसूस हो और उसकी किरकिरी हो।
सभी का निष्कर्ष था कि भाजपा को केंद्र में पूर्ण बहुमत मिलने के साथ ही विहिप का हिंदू हितों की रक्षा व चिंता करने वाली सरकार गठित करने का सपना व संकल्प पूरा हो गया है।
अब इसे स्थायित्व देने की जरूरत है जिससे आगे काम हो सके। उम्मीद जताई गई कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार आने वाले दिनों में हिंदू समाज की अपेक्षाओं को जरूर पूरा करेगी।
हिंदुओं की एकजुटता पर विशेष ध्यान
तय हुआ कि विहिप कार्यकर्ताओं के जरिये इस समय हिंदुओं की एकजुटता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्हें हिंदू विरोधी ताकतों के कुचक्र से सावधान किया जाए। उन्हें समझाया जाए कि जातिवाद जैसे मुद्दे उठाकर उन्हें बांटने की साजिश की जा सकती है।
हिंदू समाज को इससे सजग रखना जरूरी है। इसके लिए विहिप के स्थापना दिवस श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 17 अगस्त से अभियान चलाने का फैसला किया गया।
तय हुआ कि देश भर में यात्राएं निकाली जाएं और जगह-जगह संगोष्ठियां आयोजित हों। लोगों को समझाया जाए कि चुनाव नतीजों से हिंदू समाज के सम्मान व स्वाभिमान में बढ़ोतरी हुई है।
लोगों में भरेंगे भरोसा
यात्राओं और संगोष्ठियों के जरिये विहिप कार्यकर्ता उपरोक्त संदेश देने के साथ-साथ संगठनात्मक मजबूती पर भी ध्यान देंगे।
लोगों से विहिप के साथ जुड़ने की अपील करेंगे। विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा बताते हैं कि विहिप ने स्वर्ण जयंती वर्ष पर हिंदू समाज से समन्वय व संपर्क के व्यापक कार्यक्रम तय किए हैं।
ये कार्यक्रम 16 अगस्त से मुंबई से शुरू होंगे। 17 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। 1964 में जन्माष्टमी के दिन ही विहिप की स्थापना हुई थी।
इसलिए जन्माष्टमी से ही इसका अभियान मुंबई से संगोष्ठी के साथ शुरू होगा। जहां तक मंदिर मुद्दे की बात है, तो हम लोगों को विश्वास दिलाएंगे कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस दिशा में भी काम करेगी।