{"_id":"69f3757da538cb00a5039e58","slug":"modern-india-forged-through-the-merger-of-562-princely-states-vice-chancellor-lucknow-news-c-97-1-ayo1002-148437-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"562 रियासतों के विलय से गढ़ा आधुनिक भारत: कुलपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
562 रियासतों के विलय से गढ़ा आधुनिक भारत: कुलपति
Thu, 30 Apr 2026 09:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 30 Apr 2026 09:00 PM IST
विज्ञापन
पदयात्रा में शामिल कुलपति व अन्य।
अयोध्या। 562 रियासतों के विलय को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी नींव बताते हुए अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश के बिखरे हिस्सों को जोड़कर आज का भारत बनाया। गुजरात स्थापना दिवस पर विश्वविद्यालय में निकली पदयात्रा के दौरान उन्होंने साफ कहा कि सरदार पटेल के बिना भारत का नक्शा आज जैसा नहीं होता।
सुबह 6:30 बजे विश्वविद्यालय परिसर से निकली पदयात्रा नाका हनुमानगढ़ी तक गई और फिर लौटी। इस दौरान छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अधिकारी हाथों में तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते रहे। पूरे रास्ते माहौल देशभक्ति से भरा रहा और लोगों को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश दिया गया। कुलपति ने अपने संबोधन में बताया कि गुजरात राज्य का गठन 1 मई 1960 को हुआ था। पहले इसकी राजधानी अहमदाबाद थी, जिसे बाद में गांधीनगर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल, जो खेड़ा जिले के रहने वाले थे, उन्होंने 562 रियासतों को जोड़कर देश को एक मजबूत प्रशासनिक ढांचा दिया, जिसे आज भी ‘स्टील फ्रेम’ कहा जाता है।
उन्होंने जूनागढ़ के भारत में विलय और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि ये सिर्फ ऐतिहासिक घटनाएं नहीं, बल्कि देश की एकता और संस्कृति को मजबूत करने वाले कदम थे। पदयात्रा में प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. शैलेंद्र कुमार, प्रो. फर्रुख जमाल, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव, प्रो. सुरेंद्र, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. अनिल मिश्र, डॉ. अनुराग पांडेय स हित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं व एनसीसी कैडेट्स ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह 6:30 बजे विश्वविद्यालय परिसर से निकली पदयात्रा नाका हनुमानगढ़ी तक गई और फिर लौटी। इस दौरान छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अधिकारी हाथों में तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते रहे। पूरे रास्ते माहौल देशभक्ति से भरा रहा और लोगों को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश दिया गया। कुलपति ने अपने संबोधन में बताया कि गुजरात राज्य का गठन 1 मई 1960 को हुआ था। पहले इसकी राजधानी अहमदाबाद थी, जिसे बाद में गांधीनगर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल, जो खेड़ा जिले के रहने वाले थे, उन्होंने 562 रियासतों को जोड़कर देश को एक मजबूत प्रशासनिक ढांचा दिया, जिसे आज भी ‘स्टील फ्रेम’ कहा जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने जूनागढ़ के भारत में विलय और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि ये सिर्फ ऐतिहासिक घटनाएं नहीं, बल्कि देश की एकता और संस्कृति को मजबूत करने वाले कदम थे। पदयात्रा में प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. शैलेंद्र कुमार, प्रो. फर्रुख जमाल, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव, प्रो. सुरेंद्र, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. अनिल मिश्र, डॉ. अनुराग पांडेय स हित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं व एनसीसी कैडेट्स ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन