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Lucknow News : लखनऊ कैंटोनमेंट एरिया में भी लगने थे मोबाइल टॉवर, शिकायत पर पीछे हटे अफसर
Mon, 04 Sep 2023 09:56 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 04 Sep 2023 09:56 PM IST
सार
सेना के अफसरों से साठगांठ कर कानपुर की तरह लखनऊ के कैंटोनमेंट इलाके में भी मोबाइल टॉवर लगाए जाने थे। सूत्रों की मानें तो कानपुर में नियम विरुद्ध तरीके से मोबाइल टावर लगवाने की शिकायत होने के बाद अफसरों ने अपने हाथ वापस खींच लिए थे।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
सेना के अफसरों से साठगांठ कर कानपुर की तरह लखनऊ के कैंटोनमेंट इलाके में भी मोबाइल टॉवर लगाए जाने थे। सूत्रों की मानें तो कानपुर में नियम विरुद्ध तरीके से मोबाइल टावर लगवाने की शिकायत होने के बाद अफसरों ने अपने हाथ वापस खींच लिए थे। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि कानपुर में मोबाइल टॉवर लगाने में हुई धांधली पर लखनऊ में बैठे उच्चाधिकारियों की कोई भूमिका तो नहीं थी।
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इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज करने के बाद सीबीआई ने कानपुर स्टेशन मुख्यालय के स्टेशन कमांडर रहे बिग्रेडियर नवीन सिंह, उनके स्टाफ अफसर रहे लेफ्टिनेंट कर्नल आरपी राम, कर्नल दुष्यंत सिंह और टावर लगाने वाली लखनऊ की कंपनी इंडस टावर्स लिमिटेड के लखनऊ स्थित ठिकानों पर रविवार को छापा मारा था, जिसमें बिग्रेडियर नवीन सिंह के आवास से कई संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए है। सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण में बिग्रेडियर नवीन सिंह पर सीबीआई का शिकंजा और कसेगा। जांच में यह भी पता चला है कि नवीन सिंह की पत्नी आयकर विभाग, कानपुर में बड़े पद पर तैनात हैं। सीबीआई के अधिकारी तीनों सैन्य अधिकारियों के ठिकानों से मिले दस्तावेजों के साथ उनके बैंक खातों से जुड़ी जानकारियों को भी खंगाल रहे हैं।
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रक्षा मंत्रालय ने दी जांच की अनुमति
इस प्रकरण की प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआई ने रक्षा मंत्रालय से आरोपी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। मंत्रालय द्वारा अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए प्रमाण मांगे गए, तो सीबीआई ने बिग्रेडियर नवीन सिंह और उनके स्टाफ अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल आरपी राम के बीच हुए पत्राचार समेत तमाम जानकारियां साझा की। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने 25 जुलाई, 2023 को तीनों अधिकारियों के खिलाफ जांच करने की अनुमति प्रदान कर दी।
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