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यूपी में भी 'मिक्स लैंड यूज' की अनुमति

Fri, 20 Mar 2015 08:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 20 Mar 2015 08:43 AM IST
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Mix land use allowed in Uttar Pradesh.

शहरों में घटती जमीन और बढ़ती आबादी को देखते हुए लोगों को मिक्स लैंड यूज की सुविधा मिलेगी। जमीन मालिक एक ही अपार्टमेंट में घर, दुकान व ऑफिस तक बना सकेंगे। विकास प्राधिकरण शर्तों के साथ इसे बनाने की अनुमति देंगे।

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प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने मिक्स लैंड यूज की अनुमति देने के लिए शासनादेश जारी कर दिया है। विकास प्राधिकरण इसके आधार पर एक ही अपार्टमेंट में अलग-अलग निर्माण की अनुमति दे सकेंगे।
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प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की आबादी तेजी से बढ़ने से जमीनें कम पड़ रही हैं। बिल्डर आवासीय जमीन का व्यावसायिक व अन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे लेकर आए दिन हाय तौबा मचती है।
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देश में गुजरात जैसे कई राज्यों में मिक्स लैंड यूज की अनुमति है। इसलिए यूपी में भी यह व्यवस्था लागू की जा रही है। अब किसी भी जमीन का इस्तेमाल आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, कार्यालय, सामुदायिक सुविधाएं या अन्य उपयोग में किया जा सकेगा।

साथ ही अलग-अलग पार्किंग की भी होगी सुविधा

Mix land use allowed in Uttar Pradesh.

शासनादेश के मुताबिक राज्य शहरी आवास एवं पर्यावास नीति 2014 के क्रम में नए विकास में मिश्रित उपयोग तथा ट्रांजिट ओरियंटेड डवलपमेंट (टीओडी) के लिए जोनिंग रेगुलेशंस, प्लानिंग नार्म्स एवं भवन उपविधि में इसका निर्धारण किया जाएगा।

किसी अपार्टमेंट में यदि व्यावसायिक व आवासीय सुविधा विकसित करने के लिए अनुमति दी जाती है तो दोनों के लिए प्रवेश व निकासी की अलग-अलग व्यवस्था होगी। साथ ही बाहरी लोगों व फ्लैटों में रहने वालों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी।

नए व अविकसित क्षेत्रों में अनुमति इस शर्त के साथ दी जाएगी कि वहां अवस्थापना सुविधाएं जैसे ड्रेनेज, सीवरेज, जलापूर्ति, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करनी होगी।

इस तरह हो सकेगा इस्तेमाल

Mix land use allowed in Uttar Pradesh.

शहरों में यदि कोई इमारत वर्टिकल (बहुमंजिला) है तो उसके विभिन्न तलों का अलग-अलग इस्तेमाल किया जा सकेगा। मसलन एक फ्लोर का व्यावसायिक, दूसरे का कार्यालय व तीसरे का आवासीय के रूप में इस्तेमाल हो सकेगा।

इसमें भूतल का व्यावसायिक, फुटकर दुकान तथा इसके ऊपर के तलों पर प्रदूषण रहित उद्योग सेवा, कार्यालय, संस्थागत, सामुदायिक सुविधाएं, मनोरंजन तथा आवासीय में उपयोग हो सकेगा।

हॉरीजेंटल श्रेणी के भवन में मिश्रित उपयोग की अनुमति दी जाएगी। इसमें एक ही परियोजना स्थल के आसपास स्थित भवनों के समूह में प्रत्येक भवन में अलग-अलग भू-उपयोग की इजाजत होगी।

कहां कितनी होगी अनुमति

Mix land use allowed in Uttar Pradesh.

मिक्स लैंड यूज की अनुमति के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। नए टाउनशिप, इंटीग्रेटेड टाउनशिप, एक्सप्रेस- वे, प्रमुख हाईवे के साथ चिह्नित डवलपमेंट क्षेत्र तथा महायोजना और जोनल डवलपमेंट प्लान में टाउनशिप योजना में अधिकतम 20 प्रतिशत मिक्स लैंड यूज की अनुमति दी जाएगी।

मिक्स लैंड यूज के लिए चिह्नित क्षेत्र की पूरी जमीन पर अधिकतम सीमा की कोई बाधा नहीं होगी। शहर में पुनर्विकास योजना में भी संपूर्ण क्षेत्रफल पर मिक्स लैंड यूज की अनुमति होगी। जोनल डवलपमेंट प्लान में मिश्रित उपयोग चिह्नित न होने पर शर्तों के साथ मिक्स लैंड यूज की अनुमति दी जाएगी।

मेट्रो के लिए विशेष सुविधा
मेट्रो कॉरिडोर वाले क्षेत्रों (यानी जिस क्षेत्र से मेट्रो रेल गुजरेगी) के लिए ट्रांजिट ओरियंटेड डवलपमेंट (टीओडी) की व्यवस्था होगी। मेट्रो स्टेशन के आसपास भी मिक्स लैंड यूज की अनुमति दी जाएगी। मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) के तहत मेट्रो के आसपास के क्षेत्रों को विकास प्राधिकरण टीओडी के रूप में चिह्नित करेंगे।

टीओडी जोन में एमआरटीएस व मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर का 500 मीटर का दायरा आएगा। मेट्रो स्टेशन के पास विकास को ध्यान में रखते हुए यह दायरा 500 मीटर से अधिक भी किया जा सकता है। विकास प्राधिकरण इस क्षेत्र में भी मिक्स लैंड यूज की अनुमति दे सकेंगे। इससे प्राधिकरणों की आय बढ़ेगी और मेट्रो का काम कराने में आसानी होगी।

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