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यूपी: मिशन शक्ति अभियान के तहत सजा दिलाने में 22 जिले फिसड्डी, नहीं दिखाई रुचि
Wed, 28 Oct 2020 10:33 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 28 Oct 2020 10:33 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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एक सप्ताह के लिए चलाए गए मिशन शक्ति अभियान में 22 जिले फिसड्डी साबित हुए हैं। इन जिलों ने अभियान के तहत मुकदमों में सजा दिलाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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अभियोजन निदेशालय की रिपोर्ट में जो जिले फिसड्डी हैं उनमें गौतमबुद्धनगर, प्रयागराज, सीतापुर, झांसी, अलीगढ़, एटा, देवरिया, कुशीनगर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, कानपुर देहात, इटावा, जालौन, ललितपुर, रायबरेली, बुलंदशहर, शामली, कौशांबी, मऊ और भदोही शामिल हैं।
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एडीजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि अभियान के तहत रायबरेली के थाना सलोन में दर्ज दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में अभियुक्त जितेंद्र को मृत्युदंड की सजा दिलाई गई। इसी तरह हापुड़ में गैंगरेप के दोषियों अंकुर और सोनू को मृत्युदंड दिलाया गया।
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प्रदेश में अभियान के दौरान 42 मुकदमों में 86 लोगों को उम्रकैद की सजा दिलाई गई। 96 अभियुक्तों को 10 साल या उससे अधिक और 72 अपराधियों को 10 वर्ष से कम की सजा हुई। 115 को अर्थदंड और 296 लोगों को जिला बदर किया गया।