खुशखबरी: लखनऊ मेट्रो का हुआ शानदार आगाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आखिरकार, मेट्रो के ख्वाब के हकीकत की जमीं पर आकार लेने का वक्त आ ही गया। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भूमिपूजन के साथ ही मेट्रो रेल के सिविल निर्माण की आधारशिला रखी। सुबह साढ़े नौ बजे सरोजनी नगर 32वीं वाहिनी पीएसी परिसर में भूमिपूजन किया गया।
इसके बाद एलएंडटी लिमिटेड की रिग मशीन जमीन में खोदाई कर औपचारिक रूप से निर्माण कार्य शुरुआत हुई। इसके लिए एलएंडटी की प्रमुख मशीनें भी मौके पर लाई गईं। नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के प्राइमरी सेक्शन के 8 किमी के पहले टेंडर पर काम शुरू हुआ, जिसे दिसंबर 2016 तक पूरा करने की तैयारी है।
आधारशिला समारोह और भूमि पूजन की सभी तैयारियां शुक्रवार शाम को ही पूरी हो गई थीं। नैमिष व्यास पीठ के आचार्य ने भूमिपूजन कराया। भूमिपूजन समारोह में मेट्रो के प्रमुख सलाहकार डॉ. ई. श्रीधरन ने भी हिस्सा लिया।
सीएम बोले, पूरा होगा जनता से किया वादा
आजम खान ने कहा कि यह मुश्किल काम था, इसके बावजूद सरकार ने सारी बाधाओं को दूर किया। आजम ने अपने अंदाज में सरकार की जमकर तारीफ की। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि किये धरे पर झाड़ू फेरने से काम
नहीं चलेगा। जादू दिखाने से काम नहीं चलेगा। जादुई
तमाशे की सच्चाई ये नही है।
सीएम अखिलेश यादव ने श्रीधरन का आभार जताया और कहा कि सारा काम समय पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा भरोसा है कि जैसा नेताजी ने कहा था वैसा ही होगा। लगातार काम करके हमें कामयाबी हासिल होगी। उन्होंने यह भी कहा कि 2016 में मेट्रो चल जाएगी।
अखिलेश ने कहा कि मेट्रो का काम तीन शहरों में और होना है। वहां भी काम हो। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार मिलेगा और आम आदमी को भी राहत मिलेगी। अखिलेश ने कहा कि साइकिल वालों को भी सुविधा दी है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का काम शुरू किया है। लैपटॉप बांटा है। कन्या विद्या धन दिया है। बेरोजगारी भत्ता दिया है।
समाजवादी पेंशन योजना मुख्य सचिव की टीम समय पर पूरा करेगी।
'पूरा हो रहा लखनऊ का सपना'
श्रीधरन ने कहा कि कई शहरों में एल एंड टी को मेट्रो का काम जल्द से जल्द शुरू करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यूपी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ परेशानियां जरूर आएंगी, ऐसे में इनकी मदद की जानी चाहिए और हम इसकी पूरी कोशिश करेंगे कि काम आसानी से होता रहे।
मेट्रो परियोजना से शुरुआती दौर से जुड़े मधुकर जेटली ने कहा कि यह खुशी का वक्त है। यूपी के लिए यह एक नई शुरुआत हो रही है। जेटली ने भरोसा दिलाया कि मेट्रो परियोजना का काम समय से पूरा हो जाएगा।
यूपी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि श्रीधरनजी ने बहुत बड़ा काम किया है। उन्होंने इसके लिए श्रीधरन को बधाई भी दी। हसन यह कहने से भी नहीं चूके कि अब यह शहर तांगे वाला, रिक्शे वाला और मेट्रो वाला भी कहलाएगा। उन्होंने भी भरोसा जताया कि मेट्रो का काम समय से पहले ही पूरा हो जाएगा।
ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक पहला ट्रैक
नार्थ-साउथ कॉरिडोर में ट्रांसपोर्ट नगर से मुंशीपुलिया तक मेट्रो संचालन किया जाना है। सबसे पहले ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग तक आठ किलोमीटर में आठ स्टेशनों वाले ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 543 करोड़ रुपये का एक टेंडर किया गया है।
इसमें मवैया रेलवे पुल के ऊपर बनाया जाने वाले स्पेशल स्पैन शामिल नहीं होगा। इसके लिए अलग से टेंडर किया जाएगा।
सरकार और लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) की ओर से यह काम दिसंबर-2016 तक हर हाल में खत्म करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
माना जा रहा है कि, अगले 16 महीने के भीतर सिविल और इलेक्ट्रोमैकेनिकल व रोलिंग स्टाक का काम पूरा कराकर 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच मेट्रो रेल का संचालन शुरू करवा दिया जाएगा। यह पूरा ट्रैक उपरगामी होगा।
एलएंडटी को दी हरी झंडी
एलएमआरसीकी बोर्ड मीटिंग में मेट्रो निर्माण के लिए एलएंडटी लिमिटेड के चयन को हरी झंडी दे दी गई है। इसी महीने डीएमआरसी ने एलएंडटी को सिविल निर्माण के लिए सबसे बेहतर माना था।
मेट्रो के दो नये निदेशकों ने किया जॉइन
मेट्रो के दो नये निदेशकों दलजीत सिंह और महेंद्र कुमार ने पदभार ग्रहण कर लिया है। निदेशक रोलिंग स्टॉक के पद पर तैनात पटना के महेंद्र कुमार डीएमआरसी में जुलाई 2012 से चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रहे हैं।
वहीं, डायरेक्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर दलजीत आईआईटियन रह चुकेहैं। वाराणसी के दलजीत दिसंबर 2013 से डीएमआरसी में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रोजेक्ट के पद पर तैनात थे।
पहले टेंडर में ये होंगे काम
टांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच स्टेशन, मेट्रो ट्रैक, वायाडक्ट का निर्माण। इसके अलावा पुरानी यूटीलिटी का ट्रांसफर, मेट्रो में मदर डिपो का निर्माण।
पहले आठ किमी के आठ स्टेशन
ट्रांसपोर्ट नगर, कृष्णा नगर, सिंगार नगर, आलमबाग, आलमबाग बस स्टेशन, मवैया, दुर्गापुरी और चारबाग रेलवे स्टेशन।
छह साल से कागजों में दौड़ रही थी मेट्रो
-2009 में मेट्रो के नार्थ साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए साएल टेस्टिंग की।
-2010 में ट्रैफिक सर्वे पूरा किया और ट्रैफिक असिसिमेंट प्लान बनाया गया।
-2011 में पहला असिसमेंट और प्राइमरी डीपीआर सरकार को प्रस्तुत किया गया।
-2012 में मेट्रो की जगह राजधानी में बीआरटीएस का प्रस्ताव प्रकाश में आया।
-2012 आखिर में बीआरटीएस से पीछा छुड़ा कर मेट्रो को फिर से अपनाया गया।
-2013 दोबारा पुनरीक्षित डीपीआर बनाने का आगाज डीएमआरसी ने किया।
-2013 जुलाई में नया डीपीआर सरकार के सामने पेश किया गया।
-2013 में ही केंद्र सरकार ने मेट्रो परियोजना लखनऊ को सैद्धांतिक अनुमोदन दिया।
-2014 आगाज में एलएमआरसी के तौर पर कंपनी का गठन किया गया।
-2014 फरवरी में ई. श्रीधरन को बतौर प्रमुख सलाहकार परियोजना से जोड़ा गया।
-2014 अप्रैल में ब्यूरोक्रेट की जगह टेकभनोक्रेट एमडी लखनऊ मेट्रो के लिए चुनने पर फैसला।
-2014 अगस्त में टेकभनोक्रेट एमडी के तौर पर कुमार केशव ने जॉइन किया।
-2014 अगस्त में ही एलएंडटी को मेट्रो का पहला सिविल टेंडर दे दिया गया।