प्रदेश में ‘व्यापारी कल्याण कोष’ बनाने की सिफारिश
-क्रासर-व्यापारी कल्याण बोर्ड ने दी प्रस्ताव को मंजूरी
-क्रासर-मंडी शुल्क व जीएसटी समेत अन्य कई मुद्दों पर चर्चा
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व्यापारियों की सुविधा के लिए गठित ‘व्यापारी कल्याण बोर्ड’ ने सरकार से प्रदेश में ‘व्यापारी कल्याण कोष’ स्थापित करने की सिफारिश करने का फैसला किया है। साथ ही व्यापारियों का उत्पीड़न रोकने और जीएसटी की विसंगतियों को दूर करने सहित कई अन्य मुद्दों पर कई सुझाव सरकार को भेजने का निर्णय किया है। जिनमें मंडी शुल्क और मंडी समितियों की दुकानों व गोदामां के रखरखाव सहित कुछ अन्य मामले शामिल हैं। बैठक में 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यापारियों को पेंशन दिए जाने की केंद्र सरकार की योजना को प्रभावी बनाने के लिए कई सुझावों पर मुहर लगी। बोर्ड की बृहस्पतिवार को यहां जवाहर भवन स्थित सभागार में पहली बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग ने की।
मंडी शुल्क पर सरचार्ज हटाएं व इसे 1 प्रतिशत करें
बोर्ड अध्यक्ष गर्ग ने बताया कि बोर्ड ने 2 प्रतिशत मंडी शुल्क पर .5 प्रतिशत लगने वाले सरचार्ज को खत्म करने और मंडी शुल्क की दर पड़ोसी राज्यों के समतुल्य 1 प्रतिशत करने का सुझाव दिया। बैठक में कई सदस्यों ने जीएसटी की विसंगितयों की समस्याएं रखीं और सुझाव दिए। इन सुझावों और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न रोकने के लिए आई सिफारिशों को सरकार के सामने रखा जाएगा। गर्ग ने उदाहरण दिया कि सरकार ने रिसाइकलिंग न होने वाली पॉलीथीन पर प्रतिबंध लगाया है। पर, सरकारी विभाग हर तरह की पालीथीन पर कार्रवाई की आड़ में परेशान कर वसूली कर रहे हैं। बोर्ड ने इस स्थिति पर रोक की सिफारिश की है।
गुड़ को जीएसटी व मंडी शुल्क से छूट की सिफारिश
बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्त (लखनऊ) ने बताया कि गुड़ को जीएसटी और मंडी शुल्क से मुक्त करने की सिफारिश का भी फैसला हुआ है। इस समय गुड़ पर 18 प्रतिशत जीएसटी, 2 प्रतिशत मंडी शुल्क और मंडी शुल्क पर .5 प्रतिशत सरचार्ज लगता है। बोर्ड ने सिफारिश की है कि मंडी में स्थित मंडी परिषद व मंडी समिति की दुकानों और गोदामों को संबंधित व्यापरियों को फ्रीहोल्ड पर दे दिया जाए। भले ही इसकी एवज में व्यापारियों से कुछ कीमत ले ली जाए ताकि इनकी दश ठीक रहे।
पुलिस का हस्तक्षेप बंद हो
बोर्ड के सदस्य वाराणसी के हर्षपाल कपूर ने पॉलिस्टर धागे पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने और काशी की टेक्सटाइल मंडी को शहर के बाहर नए सिरे से स्थापित करने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि पुलिस को व्यापारियों का माल रोकने का कोई अधिकार नहीं है। पर, जगह-जगह पुलिस अनावश्यक रूप से व्यापारियों का माल रोककर तंग करती है। जिस पर कल्याण बोर्ड ने पुलिस महानिदेशक को इस सिलसिले में पत्र लिखने का फैसला किया है।
ये भी आए सुझाव
उपाध्यक्ष अशोक गोयल ने प्रत्येक जिले में 5 व्यापारी मित्र मनोनीत करने, व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ को प्रभावी बनाने, हस्तनिर्मित साबुन का जीएसएन कोड निर्धारित करने सस्ती हैंडलूम प्रिंटेड चादह को करमुक्त करने के सुझाव रखे। तीसरे उपाध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने भी कई सुझाव दिए। बैठक में उपस्थित बोर्ड के सदस्य सुनील कुमार गुप्त, मुरारी लाल अग्रवाल, महेश पुरी, पवन कुमार अरोड़ा, जवाहर प्रसाद कसौधन, दिलीप सेठ, अमरनाथ मिश्रा, विश्वनाथ अग्रवाल, अशोक मोतियानी, दिनेश सेठी ने भी कई सुझाव दिए। अपर मुख्य सचिव, संस्थागत वित्त एवं कर निबन्धन आलोक सिन्हा, कमिश्नर वाणिज्य कर अमृता सोनी ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।