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लखनऊ: काकोरी कांड की स्मृतियों पर चलेगा उत्तर रेलवे का बुलडोजर, ऐतिहासिक बिल्डिंग तोड़कर बनेगा प्लेटफार्म

Fri, 08 Apr 2022 11:07 AM IST
ishwar ashish नीरज ‘अम्बुज’, अमर उजाला, लखनऊ
नीरज ‘अम्बुज’, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 08 Apr 2022 11:07 AM IST
सार

आलमनगर रेलवे स्टेशन की ऐतिहासिक बिल्डिंग को तोड़कर नया प्लेटफार्म बनाया जा रहा है। काकोरी कांड के लिए क्रांतिकारियों ने यहीं से काकोरी जाने के लिए टिकट खरीदे थे।

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Memories of kakori kand will be buldozed for development.
आलमबाग रेलवे स्टेशन की इसी पुरानी बिल्डिंग से क्रांतिकारियों ने खरीदा था टिकट। - फोटो : amar ujala

विस्तार

आलमनगर रेलवे स्टेशन की काकोरी ट्रेन एक्शन में अहम भूमिका रही है। काकोरी में ट्रेन लूटने के लिए तीन क्रांतिकारी अमीनाबाद से तांगे पर इस स्टेशन पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने जब फर्स्ट क्लास का टिकट लिया तो बुकिंग क्लर्क एकटक देखता रहा। आलमनगर से तीनों क्रांतिकारी काकोरी पहुंचे और ट्रेन एक्शन को अंजाम देकर अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी।

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इतिहास की गवाह पुरानी आलमनगर रेलवे स्टेशन की वह बिल्डिंग अब जमींदोज होगी। काकोरी ट्रेन एक्शन की स्मृतियों पर रेलवे बुलडोजर चलाने जा रहा है। यहां रेलवे प्रशासन नए प्लेटफार्म बनाएगा। पूर्व रेलवे अधिकारी व इतिहासविद एसके शर्मा ने बताया कि 9 अगस्त, 1925 को शचींद्रनाथ सान्याल दो अन्य क्रांतिकारियों के साथ अमीनाबाद की ईश्वरी चंद्र धर्मशाला के कमरा नंबर 203 में रुके थे, जहां से बांसमंडी निवासी कल्लू तांगेवाले ने क्रांतिकारियों को आलमनगर रेलवे स्टेशन पहुंचाया। क्रांतिकारियों ने वहां पर फर्स्ट क्लास का टिकट खरीदा।
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इस पर बुकिंग क्लर्क सकते में आ गया और सोच में पड़ गया कि आलमनगर से काकोरी जैसी छोटी दूरी के लिए कौन फर्स्ट क्लास का टिकट लेता है। काकोरी पहुंचने के बाद क्रांतिकारी बाजनगर गांव की ओर जाने लगे। काकोरी स्टेशन मास्टर से उनकी टोंका-टांकी भी हुई। वहां वे शाहजहांपुर से आने वाली 8 डाउन का इंतजार करते रहे। ट्रेन के आने पर कांड को अंजाम दिया गया।
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उन्होंने बताया कि अशफाक उल्ला खां पर लिखी किताबों पर इन बातों का स्पष्ट जिक्र भी मिलता है। उन्होंने बताया कि रेलवे को इस भवन को तोड़ने के बजाय उसे संरक्षित करना चाहिए। जिला प्रशासन को चाहिए कि वह अमीनाबाद की उस धर्मशाला को भी संरक्षित करे, ताकि इतिहास को बचाया जा सके।

सेटेलाइट स्टेशन की है योजना
दरअसल, उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के आलमनगर रेलवे स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने की बात सांसद राजनाथ सिंह ने कही थी। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने स्टेशन का विकास किया। 35 करोड़ रुपये स्टेशन के डेवलपमेंट पर खर्च हुए। यात्री सुविधाओं से लेकर प्लेटफार्मों की संख्या तक में वृद्धि की योजना बनाई गई, जिस पर रेलवे प्रशासन तेजी से काम भी कर रहा है।


इस डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के आड़े आलमनगर स्टेशन की ऐतिहासिक बिल्डिंग आ रही है, जिसे तोड़ने के लिए रेलवे प्रशासन ने आदेश कर दिया है। बुलडोजर से उस भवन को गिराया जाएगा, जहां क्रांतिकारियों ने टिकट खरीदे थे। उत्तर रेलवे के डीआरएम एसके सपरा का कहना है कि आलमनगर रेलवे स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन बनाया जा रहा है। स्टेशन की ऐतिहासिक बिल्डिंग को तोड़कर उसकी जगह दो नए प्लेटफार्म बनाने की योजना है।

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