भाजपा के कई बड़े नेताओं के लिए परीक्षा की घड़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सदस्यता के बहाने भाजपा के बड़े नेता भी जनाधार व लोकप्रियता की कसौटी पर आ गए हैं। सदस्यता अभियान की जिस तरह से रचना की गई है, उससे साफ है कि पार्टी सिर्फ सदस्यता अभियान ही नहीं चला रही है बल्कि इस बहाने उसने पार्टी के नेताओं की अपने-अपने इलाके में पहुंच व पकड़ तथा जनाधार का सच जानने का भी इंतजाम किया है।
पार्टी के रणनीतिकारों ने अलग-अलग श्रेणी के पदाधिकारियों का लक्ष्य तय कर दिया है। पार्टी के प्रत्येक बूथ पर भाजपा के कम से कम सौ सदस्य बनाने का फैसला किया गया है तो यह भी कहा गया है कि वर्तमान सक्रिय कार्यकर्ताओं में प्रत्येक कम से कम 5000 सदस्य बनाएं। जिलों से लेकर प्रदेश पदाधिकारियों तक के लक्ष्य तय किए गए हैं। विधानसभा के प्रत्येक क्षेत्र में 50 हजार लोगों को सदस्य बनाने का लक्ष्य सौंपा गया है।
जिला स्तरीय पदाधिकारियों व प्रदेश पदाधिकारियों के लिए भी लक्ष्य तय किया जा रहा है। जिला स्तरीय पदाधिकारियों को संबंधित न्याय पंचायतों के सभी ग्राम पंचायतों में पार्टी की इकाइयां गठित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों को संबंधित ब्लॉकों की सभी ग्राम पंचायतों में भी पार्टी के गठन की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसी तरह मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को भी सदस्यता का लक्ष्य देने की तैयारी है।
जिसकी जनता में पकड़, वही बढ़ेगा आगे
सांसदों, विधायकों, पार्षदों व पार्टी से संबंधित अन्य जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है।पदों पर बैठे लोगों को अब अपने-अपने गृह क्षेत्र में सदस्य बनाने की ही नहीं बल्कि संगठन के गठन की भी चिंता करनी होगी।
जाहिर है कि जिला स्तरीय पदाधिकारियों को जिला व प्रदेश स्तर के लोगों को प्रदेश के साथ-साथ अपने-अपने गृह क्षेत्र में भी सदस्यता व संगठन के गठन के लिए मेहनत करनी होगी।
कारण, अगर गठन न हुआ तो उनकी पहुंच व पकड़ पर सवाल उठेंगे। साथ ही उनके बड़े पद संभालने पर भी प्रश्न उठेंगे। सदस्यता अभियान से जुड़े एक पदाधिकारी कहते हैं कि हाईकमान ऐसे लोगों को आगे बढ़ाना चाहता है जिनकी लोगों के बीच पकड़ व पहुंच हो।
जिससे पार्टी पर अब तक जब-तब लगने वाले इन आरोपों से निजात मिले कि भाजपा में भी दूसरे दलों की तरह गणेश परिक्रमा करने वालों को पद व प्रतिष्ठा मिलती है।