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संतों ने भरी हुंकार, अब शीघ्र हो राम मंदिर का निर्माण, 15 जून को होगा संत सम्मेलन

Mon, 03 Jun 2019 09:32 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Mon, 03 Jun 2019 09:32 PM IST
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Meeting of saints in for construction of Ram temple in Ayodhya.
बैठक में शामिल संत - फोटो : अमर उजला

मणिराम दास की छावनी में सोमवार शाम राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिराम दास की छावनी के श्री महंत नृत्य गोपाल दास जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में संतों ने अयोध्या में शीघ्र ही भव्य राम मंदिर निर्माण की हुंकार भरी। 

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बैठक में संतों ने राम मंदिर निर्माण के लिए मोदी सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बनाई। आगामी 7 जून से शुरू हो रहे महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव समारोह के क्रम में 15 जून को संत सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जिसमें देशभर के संत धर्माचार्य जुटेंगे और राम मंदिर पर वृहद चर्चा होगी।
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बैठक को संबोधित करते हुए श्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि अब केंद्र और प्रांत दोनों में बहुमत की सरकार है। अनुकूल वातावरण है भव्य राम मंदिर का निर्माण हो जाना चाहिए। कहा कि संतों का यह सम्मेलन मोदी जी को प्रेरित करेगा। बोले कि बहुत से मुस्लिम बंधु भी राम मंदिर का निर्माण चाहते हैं जहां रामलला विराजमान है अब वहां शीघ्र राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ होना चाहिए। 
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श्री राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य पूर्व सांसद डॉ रामविलास दास वेदांती ने कहा कि कांग्रेस के एक नेता जिन्होंने अपने घोषणापत्र में राष्ट्र द्रोह को खत्म करने की बात कही थी वह स्वयं खत्म हो गए। अब वह दिन दूर नहीं जब भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा अब कोई ताकत राम मंदिर निर्माण से नहीं रोक सकती। 

जगदगुरु स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि राम मंदिर निर्माण न होना हिंदुओं के अस्तित्व पर बड़ा संकट है। सुप्रीम कोर्ट का काम पंचायत करना नहीं बल्कि निर्णय देना है। अयोध्या में किसी भी कीमत पर मस्जिद स्वीकार नहीं की जाएगी। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि अब धैर्य की सीमा टूट रही है, संत सम्मेलन के माध्यम से एक संदेश केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाना चाहिए। 

महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि हमें पहले यह तय करना होगा कि न्यायालय के फैसले का इंतजार करना है या समझौते की प्रक्रिया देखनी है या फिर सब्र की सीमाओं का अतिक्रमण कर कुछ आगे करना है। राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य महंत सिया शरण ने कहा कि मंदिर का इंतजार करते-करते हम आखिरी पड़ाव तक पहुंच गए हैं। राम मंदिर का निर्माण अब नहीं तो कभी नही। 

श्री राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि सभी संत दिल्ली चल कर राम मंदिर निर्माण को लेकर अपनी बात रखें। बैठक का संचालन संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास रामायणी ने किया। बैठक को राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य महंत कमलनयन नयन दास, महंत अवधेश दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, गुरुद्वारा ब्रह्म कुंड के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरजीत सिंह, महंत नारायणाचार्य, महंत परमहंस दास, महंत रामशरण दास सहित अन्य ने संबोधित किया। 

बैठक में महंत राम मंगल दास रामायणी, महंत पवन दास शास्त्री, महंत दिलीप दास त्यागी, महंत गिरीश दास, विहिप के पुरुषोत्तम नारायण, त्रिलोकी नाथ पांडे, महंत राघवेश दास वेदांती, महंत बृजमोहन दास, शरद शर्मा सहित बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे।

राम मंदिर का मामला सही दिशा में अग्रसर

विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र ने कहा कि बाहर के कुछ संत बिचौलिया बनने का भाव रखते हैं और तरह तरह की बयानबाजी करते रहते हैं। हम पीढ़ी दर पीढ़ी के लिए समस्या नहीं खड़ी करना चाहते। सुन्नी वक्फ बोर्ड विवादित भूमि पर एक स्तंभ खड़ा करने की बात कहता है। स्तंभ तो दूर है हम एक कील भी नहीं ठोकने देंगे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मामला सही दिशा में अग्रसर है। उम्मीद है की साल डेढ़ साल में इस विषय का कोई न कोई सकारात्मक हल अवश्य निकलेगा।
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