मेरठ कांड: अब होगा एडवांस मेडिकल टेस्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ में गैंगरेप व धर्मांतरण की शिकार युवती का एडवांस मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा। इससे इस बात की जानकारी मिल सकेगी कि उसके शरीर का कोई खास अंग गायब तो नहीं है।
पुलिस ने इस प्रकरण में अहमद व गुल सनोवर नाम के दो वकीलों को गिरफ्तार किया है, जिन पर युवती के धर्मांतरण के संदर्भ में जाली शपथपत्र बनवाने में सहयोग करने का आरोप है।
जाली निकला शपथ पत्र
गृह सचिव कमल सक्सेना व आईजी कानून-व्यवस्था अमरेंद्र सेंगर ने बताया कि पीड़ित युवती का ट्रांस वजाइनल सोनोग्राफी (टीवीएस) टेस्ट कराया जाएगा।
इसके जरिये यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि युवती का फेलोपियन ट्यूब (गर्भाशय नली) गायब तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता ने अपने धर्मांतरण के संदर्भ में जो शपथपत्र दिया है वह जाली है।
मेरठ के आईजी का बयान
गृह सचिव सचिव ने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक किसी अन्य युवती को समाने खड़ा कर फर्जी तरीके से शपथपत्र बनवाया गया है।
उधर, मेरठ के आईजी आलोक शर्मा ने कहा कि जिस अधिवक्ता के जरिये इसे नोटरी कराने की बात कही गई, वह ऐसे किसी शपथपत्र की नोटरी करने से इन्कार कर दिया है।