फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   mayor Sanyukta Bhatia alleged city commissioner and engineers for corruption

लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने नगर आयुक्त व अभियंताओं पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

Fri, 31 Jul 2020 03:37 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 31 Jul 2020 03:37 PM IST
विज्ञापन
mayor Sanyukta Bhatia alleged city commissioner and engineers for corruption
मेयर संयुक्ता भाटिया, नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी - फोटो : amar ujala

मेयर संयुक्ता भाटिया और नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी फिर आमने-सामने आ गए हैं। मेयर ने प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र लिखकर निगम में चल रहे भ्रष्टाचार के अलावा नगर आयुक्त और मुख्य अभियंता विद्युत व यांत्रिक के खिलाफ ईओडब्ल्यू या सतर्कता विभाग से जांच कराने की मांग की है।

विज्ञापन

 

कहना है कि शिकायत के साथ उनको ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली हैं जोकि भ्रष्टाचार व ठेकों में लूट की तरफ इशारा कर रही हैं। मेयर ने यह पत्र अतीकुर्ररहमान, निवासी तेलीबाग के शिकायती पत्र को आधार बनाते हुए भेजा है। अतीकुर्ररहमान खुद भी नगर निगम में ठेकेदारी करता है।

विज्ञापन

 

हिंदनगर वार्ड में 87 लाख रुपये की लाइटें बिना किसी टेंडर के लगवाने के प्रकरण में वह चर्चा में आया था। अब मेयर का कहना है कि नगर आयुक्त और मुख्य अभियंता (विद्युत व यांत्रिक) के खिलाफ भ्रष्टाचार और लूट के आरोप सामने आए हैं। उनके पास ऑडियो रिकॉर्डिंग है। उन्होंने बताया कि एक प्रकरण में तो हस्तक्षेप के बाद 81 लाख रुपये की रिकवरी भी हुई। शिकायती पत्र में कहा गया है कि नगर आयुक्त और मुख्य अभियंता ठेकों की लूट से मिले धन से रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियां खरीद रहे हैं। गहन जांच होनी चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

नगर आयुक्त की सफाई, मेयर का आरोप बेबुनियाद

नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि मेयर का आरोप बेबुनियाद है। जिस व्यक्ति की शिकायत पर पत्र लिखा गया है। वह खुद ठेकेदार है। बिना टेंडर के 87 लाख रुपये के काम मार्ग प्रकाश में कराए जाने का दावा उसने किया था। भुगतान के लिए दबाव भी बनाता रहा। कोर्ट से भी उसे राहत नहीं मिली।

अब मेयर के जरिए झूठे आरोप लगाकर बदनाम कर रहा है। उसने मुख्य अभियंता विद्युत व यांत्रिक को फोन पर धमकाया भी है। अखबार में भी बिना टेंडर काम कराए जाने का प्रकरण उछला। इसके बाद जांच कराई गई। कान्हा उपवन में भी ठेकेदार नियमों के विपरीत काम पाने के लिए दबाव बना रहा था। इसके बाद ही अधिकारियों पर आरोप लगाकर बदनाम करना शुरू कर दिया।

एक लाख रुपये से अधिक के काम ई-टेंडर से
मेयर के आरोप लगाने के बाद नगर निगम में एक लाख रुपये से अधिक के काम अब ई-टेंडर से कर दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने गुरुवार को इसके लिए आदेश जारी कर दिया। बड़े कामों को तोड़कर भी एक लाख रुपये से कम के काम कराने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रक्रिया वित्तीय वर्ष 2020-21 के सभी कामों पर लागू होगी। धरोहर राशि भी ठेकेदार ऑनलाइन ही जमा करेंगे।

बजट उपयोग के लिए समय 31 दिसंबर तक बढ़े
मेयर संयुक्ता भाटिया ने नगर विकास मंत्री और वित्त मंत्री को पत्र भेजकर 14वें वित्त आयोग के बजट की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाने की मांग की है। मेयर का कहना है कि पूर्व में इसके लिए 31 जुलाई तक का समय दिया गया था। कोरोना की वजह से काम नहीं हो सके। ऐसे में यह समय सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। इससे श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने का मौका भी नगर निगम के पास होगा। वहीं मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कामों को भी नगर निगम करा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed