प्रमोशन में आरक्षण पर घमासान: मायावती ने कहा, हम कोर्ट के मत से सहमत नहीं, मोदी सरकार ध्यान दे
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बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रमोशन में आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि हम इससे सहमत नहीं हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि मोदी सरकार इस पर तत्काल कदम उठाए। मामले को कांग्रेस की तरह लटकाकर न रखे।
दरअसल, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकारें नियुक्तियों में आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकारी नौकरियों में प्रमोशन के लिए कोटा या आरक्षण की मांग करना मौलिक अधिकार नहीं है। जिस पर राजनीति शुरू हो गई है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरक्षण को लेकर भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान से आरक्षण को हटाना चाहती है। भाजपा आरएसएस के डीएनए में आरक्षण का विरोध है। हम आरक्षण को खत्म नहीं होने देंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मोहन भागवत भले ही कितने भी सपने देख लें, हम किसी भी हाल में आरक्षण समाप्त नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा आरक्षण की विरोधी है। वो चाहते हैं कि एससी-एसटी समुदाय कभी आगे न बढ़े।
एससी व एसटी एक्ट के प्रावधानों को पूर्ववत बनाए रखना इस वर्ग के संघर्षों का परिणाम
मायावती ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के संघर्षों के कारण ही केंद्र सरकार ने एससी एसटी एक्ट में बदलाव को रद्द करके उसके प्रावधानों को पूर्ववत बनाए रखने का कानून बनाया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया। यह इस वर्ग के संघर्षों का ही परिणाम है।