{"_id":"6337fda97b89c503a03a57ed","slug":"mayawati-speaks-on-condition-of-economy-of-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mayawati: रुपये का टूटना चुभने वाला मुद्दा, मायावती बोलीं- अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरें विचलित करने वाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mayawati: रुपये का टूटना चुभने वाला मुद्दा, मायावती बोलीं- अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरें विचलित करने वाली
Sat, 01 Oct 2022 04:10 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 01 Oct 2022 04:10 PM IST
सार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने रुपये के गिरने और उद्योगपतियों की संपत्ति में अभूतपूर्व वृद्धि होने पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि रुपये का गिरना चुभने वाला संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी कृपादृष्टि के कारण भारत के उद्योगपतियों की पूंजी में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है पर देश के 130 करोड़ लोगों की आय में सुधार नहीं होना चिंता की बात है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सरकारी कृपादृष्टि के कारण भारत के उद्योगपतियों की निजी पूंजी में अभूतपूर्व वृद्धि होने से अब विश्व के धन्नासेठों में उनकी गिनती है, परन्तु देश में करीब 130 करोड़ गरीब व निम्न आय परिवारों के जीवन में थोड़ा भी सुधार नहीं होना अति-चिन्ता की बात। सरकार इस खाई को कैसे पाटेगी?
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि भारतीय रुपये के मूल्य में अनवरत गिरावट चुभने वाला संवेदनशील मुद्दा है। देश के विदेशी मुद्रा भण्डार में भी लगातार कमी की खबरें अब लोगों को विचलित करने लगी हैं। ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था को संभालने में यहाँ के उद्योगपतियों व धन्नासेठों की भूमिका क्या है, देश जानने को इच्छुक।
विज्ञापन
बता दें कि भारतीय रुपया अब तक के निचले स्तर पर है और लगातार गिरावट दर्ज कर रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सरकारी कृपादृष्टि के कारण भारत के उद्योगपतियों की निजी पूंजी में अभूतपूर्व वृद्धि होने से अब विश्व के धन्नासेठों में उनकी गिनती है, परन्तु देश में करीब 130 करोड़ गरीब व निम्न आय परिवारों के जीवन में थोड़ा भी सुधार नहीं होना अति-चिन्ता की बात। सरकार इस खाई को कैसे पाटेगी?
विज्ञापन
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि भारतीय रुपये के मूल्य में अनवरत गिरावट चुभने वाला संवेदनशील मुद्दा है। देश के विदेशी मुद्रा भण्डार में भी लगातार कमी की खबरें अब लोगों को विचलित करने लगी हैं। ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था को संभालने में यहाँ के उद्योगपतियों व धन्नासेठों की भूमिका क्या है, देश जानने को इच्छुक।
विज्ञापन
1. सरकारी कृपादृष्टि के कारण भारत के उद्योगपतियों की निजी पूंजी में अभूतपूर्व वृद्धि होने से अब विश्व के धन्नासेठों में उनकी गिनती है, परन्तु देश में करीब 130 करोड़ गरीब व निम्न आय परिवारों के जीवन में थोड़ा भी सुधार नहीं होना अति-चिन्ता की बात। सरकार इस खाई को कैसे पाटेगी?
— Mayawati (@Mayawati) October 1, 2022
2. भारतीय रुपये के मूल्य में अनवरत गिरावट चुभने वाला संवेदनशील मुद्दा है। देश के विदेशी मुद्रा भण्डार में भी लगातार कमी की खबरें अब लोगों को विचलित करने लगी हैं। ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था को संभालने में यहाँ के उद्योगपतियों व धन्नासेठों की भूमिका क्या है, देश जानने को इच्छुक।
— Mayawati (@Mayawati) October 1, 2022
बता दें कि भारतीय रुपया अब तक के निचले स्तर पर है और लगातार गिरावट दर्ज कर रहा है।